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गौर हरि दास्तान – द फ्रीडम फाइल

GOUR HARI DASTAAN - THE FREEDOM FILE IN THEATRES ON INDEPENDENCE EVमुंबई – राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्माता बिंदिया तथा सचिन खानोलकर तथा निर्देशक अनंत नारायण महादेवन एक बार फिर एक नये और महान बायोपिक फिल्म गौर हरि दास्तान – द फ्रीडम फाइल के साथ लौटे हैं. स्वतंत्रता सेनानी गौर हरि दास के विचारों से प्रेरित यह हिन्दी फिल्म अतीत की गलियारों से होते हुए आज के सभ्य आधुनिक कहे जानेवाले बद्बूदार समाज में स्वतंत्र भारत की कहानी कहता है. माना जाता है कि गौर हरि दास स्वतंत्र भारत के आखिरी जीवित स्वतंत्रता सेनानी हैं. यह फिल्म स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व अर्थात 14 अगस्त 2015 को पूरे भारत में रिलीज़ होगी. गौरतलब है कि गौर हरि दास्तान – द फ्रीडम फाइल को ला रहे निर्देशक अनंत नारायण महादेवन इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही गयी तथा चार राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित मराठी बायोपिक फिल्म मी सिन्धुताई सपकाल के ज़रिये दर्शकों को प्रभावित कर चुके हैं.

गौर हरि दास के रूप में मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे विनय पाठक तथा इनके साथ फिल्म के महत्वपूर्ण कलाकारों में कोंकणा सेन, तनिष्ठा चैटर्जी, रणवीर शौरी, असरानी, रजित कपूर, विपिन शर्मा, सौरभ शुक्ला, विक्रम गोखले, मोहन कपूर, भरत दाभोलकर तथा सिद्धार्थ जाधव का नाम शामिल है. फिल्म के टेक्नीकल टीम में एमि एवार्ड जीत चुके कैमरामैन अल्फॉंस रॉय, नौ बार नेशनल एवार्ड जीत चुके एडिटर श्रीकर प्रसाद, वॉयलिन मैस्ट्रो डॉक्टर एल सुब्रमणियम जिन्होंने धुन बनाई है तथा ऑस्कर एवार्ड विजेता साऊंड डिज़ाइनर रसुल पुकूट्टी.  

 दास के जीवन पर आधारित यह फिल्म एक ही बोतल में कैद दो विपरित दिमागी पीढी की दिलचस्प नाटकिय कहानी है. एक अपने मूल्यों की स्तुति करता है तो दूसरा अंधकार में देश के भविष्य को टटोल रहा है. गौरतलब है कि 14 अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इस फिल्म को ना सिर्फ आधिकारिक रूप से चुना गया है बल्कि पैरिस एक्स्ट्रावैगैंट इंडिया फिल्म समारोह में विनय पाठक को सर्वश्रेष्ठ नायक का एवार्ड मिला है और कोंकणा सेन को न्यू यॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ नायिका के लिए नॉमिनेट किया गया है.

गौरतलब है कि गौर हरि दास के इस किरदार से विनय पाठक काफी जुडाव महसूस करते हैं. फिल्म में गौर हरि दास की भूमिका निभा रहे विनय पाठक इस सिलसिले में कहते हैं, ‘’दास की भूमिका निभाते वक़्त उनका व्यवहार, उनका अनुशासन तथा उनका लचीलापन मैंने सिर्फ सुना था. ऐसे में मेरे लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण था कि मैं दास को मैं बतौर एक्टर एक जीवित किरदार की तरह ना निभाकर एक संबंधी किरदार की तरह निभाऊं. सच कहूं तो इस किरदार को निभाने के बाद मुझे ऐसा लग रहा है कि बतौर एक्टर गौर हरि दास के इस किरदार को निभाना मेरे लिए काफी संतुष्टिपूर्ण रहा”.विनय पाठक की तर्ज़ पर कोंकणा सेन अपने किरदार लक्ष्मी के बारे में कहती हैं, ‘’इस फिल्म की असली जान वही हैं. इस किरदार को निभाते वक़्त अपने अविश्वासी बेटे और भ्रांतिमुक्त पति के बीच तादातम्य स्थापित करती महिला को निभाने के लिए कई बार मुझे अपने असंतुलन और आवाज़ को मेंटेन करना पडता था.’’

इसके अलावा निर्देशक अनंत नारायण महादेवन बायोपिक के संदर्भ में कहते हैं, ‘’गुमनामी के अंधेरों में खो चुके जीवित लोगों के जीवनी से प्रेरित हो फिल्में बनाना काफी मुश्किल है बजाय उनके जिन्हें पूरा देश ही नहीं विश्व जानता है. यदि हम दास की बात करें तो वह कई मायनों में किसी सुपर हीरो से कम नहीं. राजनैतिक उदासीनता के खिलाफ उनके सहनशीलता की अभिव्यक्ति एक सबक है जो हम सबको सीखना चाहिए लेकिन अफसोस हमारी भावी युवा पीढी इसे सीखना नहीं चाहती.’’

गौरतलब है कि गौर हरि दास्तान – द फ्रीडम फाइल की मार्केटिंग तथा डिस्ट्रिब्यूशन एकमात्र रूप से एंटिटि वन कर रहे हैं. फिल्म डिस्ट्रिब्यूशन की दुनिया में यह नया नाम है जिसकी शुरूआत अनुभवी फिल्म एक्सीबिटर गिरिष वानखेडे ने सिनेमैक्स तथा पी वी आर सिनेमा में गुज़ारे गये अपने सालों के अनुभवों के आधार पर की है. इस सिलसिले में गिरिष वानखेडे कहते हैं, ‘’मैं मानता हूं कि मेरे लिए मेरी पहली संपत्ति एक टेंट पोल फिल्म होगी जिसके लिए मुझे एक लंबा सफर तय करना होगा. मुझे लग्ता है गौर हरि दास्तान मेरे लिए एक पर्फेक्ट फिल्म है. फिलहाल अभी पीवीआर में मराठी फिल्मों के लिए मैं इकलौता एक्सीबिटर हूं. मुझे यकिन है गौर हरि दास्तान मेरे लिए यादगार शुरूआत होगी और एंटिटि वन देश में क्वालिटी सिनेमा की पहचान बनेगा.’’

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