Home > Crime > मप्र में नाबालिगों के साथ सर्वाधिक बलात्कार की घटनाएं

मप्र में नाबालिगों के साथ सर्वाधिक बलात्कार की घटनाएं

rape

भोपाल [ TNN ] मध्यप्रदेश में नाबालिगों के साथ बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें जहां पीडितों को पर्याप्त सहायता सरकार मुहैया नहीं करा पा रही है वहीं आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है।आम आदमी पार्टी की मीडिया सचिव नेहा बग्गा कार्यालय सचिव दुष्यंत दांगी एवं भोपाल के विधान सभा प्रभारी देवेन्द्र अग्रवाल ,शहेनशाह , अबिद , फ़राज़ एवं आशु आदि मंगलावार को सुबह हमीदिया अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल में आप नेताओं ने सागर और भोपाल में बलात्कार की शिकार नाबालिग बालिकाओं के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

नेशनल क्राईम रिकार्ड ब्युरो यानी एनसीआरबी के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि 2012 में यदि देश भर में 24,923 मामले बलात्कार के दर्ज किए गए तो इसमें सर्वाधिक 3,425 मध्यप्रदेश में दर्ज किए गए थे। इसी तरह 2013 में जब पूरे देश में 33,707 मामले बलात्कार के पूरे देश में दर्ज किए गए तो सर्वाधिक 4,335 मप्र में दर्ज किए गए। जिस उत्तरप्रदेश को अत्याचार के मामले में तथाकथित रूप से अव्वल बताया जाता है दरअसल वह भी मप्र से काफी पीछे है।आप नेता ने कहा कि वर्ष 2014 में भी अभी तक बलात्कार के मामले में मप्र आगे है और इसमें नाबालिगों के साथ बलात्कार की घटनाएं काफी ज्यादा हैं।

ताजा मामला सागर और भोपाल का है। जहां 17 साल और 6 साल की बालिकाओं के साथ रेप की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें आरोपी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।यह दुखद है कि भोपाल पीडिता का मेडिकल यह सरकारी छुट्टी होने के कारन टाल दिया गया वही दशहरे के मौके पर सागर में जब पुलिस बल काफी संख्या में रहता है तब बीच शहर से एक नाबालिग का अपहरण होता है और उसके साथ बलात्कार कर झाडियों में फेंक दिया जाता है।

इस घटना से पुलिस प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है कि उनका कोई खौफ अब अपराधियों पर बचा नहीं है। इसके पीछे कारण भी यही है कि बलात्कार के मामलों में जितने मामले दर्ज होते हैं उनमें से अधिकांश में आरोपी पुलिस की पर्याप्त कार्यवाही न होने के आधार पर बरी हो जाते हैं।

आम आदमी पार्टी ने मप्र सरकार से मांग की है कि वे पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा दल का गठन करवाएं। इसके साथ ही बलात्कार पीड़िता के ईलाज आदि की व्यवस्था निशुल्क कराएं।पीड़िता के पूरे मामले को महिला पुलिस को ही कार्रवाई करना चाहिए। इसके अलावा फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से जल्द न्याय सुनिश्चत किया जाए।

 

Facebook Comments

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .