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गुजरात: शरीर के बहार ही धडक रहा युवक का दिल

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अहमदाबाद- आपने किसी के दिल की धड़कन सुनी होगी। लेकिन क्या कभी किसी के दिल को धड़कते हुवे देखा है। गुजरात के अहमदाबाद के समीप छोटे से छापरा गांव में 18 साल के युवक का दिल शरीर के बहार धडक रहा है। और लोग उसके दिल को धड़कता हुआ भी देख सकते है।

माना जाता है की इस प्रकार का ये देश का पहला किस्सा है। शरीर के सब से महत्वपूर्ण अंगो में शामिल हृदय (दिल) शरीर में पसली ओ के अंदर छाती मे बाई और धड़कता है। लेकिन छापरा निवासी अर्पित विक्रम गोहिल के शरीर में जन्म से ही हृदय सीने से बहार धड़क रहा है। इस के बावजूद यह युवक सामान्य जीवन जी रहा है।

विश्व में ऐसे गिने चुने मामले होंगे जिस में किसी के शरीर के बहार दिल धड़क रहा हो। विक्रम गोहिल के पुत्र अर्पित का हृदय जन्म से ही छाती के बहार पसलीओ के बीच धड़क रहा था। जिसे देखकर अर्पित के माता पिता को ज़टका लगा। और जन्म के बाद अर्पित को नडियाद की एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वहा चिकित्सको को लगा की इस बच्चे के दो हृदय है। लेकिन जाँच करने पर पता चला के बच्चे के शरीर में एक ही हृदय है। और वो भी सीने के बहार धड़क रहा है। जन्म से ही किसी तरह की बीमारी को ले कर सीने की बहार धड़कते दिल से अर्पित को आज तक कोई परेसानी का सामना करना नहीं पड़ा।

नौवी कक्षा तक पढ़े अर्पित को पढाई से ज्यादा खेत में कृषि कार्य करना पसंद आता था। जिस से वह पढाई छोड़कर अपने पिता एवं दादा के साथ खेत में कृषि कार्य में जुट गया। और आज वह अपने परिवार के साथ खेत में फसल की बुवाई कतनी का कार्य करता है ।

से और खेत में ट्रैक्टर चलाता है, पशुओ का भी पालन करता है। लेकिन उसे आज तक कोई परेशानी नहीं हुई। और परिवार के सदस्यों के साथ खेतो में कृषि कार्य कर आम व्यक्ति तरह सामान्य जीवन बिता रहा है है । अर्पित कृषि और पशुओ से संबधित हर कार्य को बिना किसी समस्या से करता है।

ट्रैक्टर से पशुओ के लिए चारा भी लाता है। क्रिकेट भी खेलता है। अर्पित ने बताया की उसे अपने हृदय सीने से बहार होने से किसी तरह की तकलीफ नहीं होती। नडियाद के ह्रदय विशेषग्न डॉ संजीथ पिटर के अनुसार देश में इस तरह का यह पहला मामला है। जिस में सीने से बहार धड़कते हृदय के बावजूद युवक 18 वर्ष तक जीवित रहकर सामान्य जीवन जी रहा है।

डॉ पिटर के अनुसार शरीर के बहार हृदय धड़कने के अब तक विश्व में 156 मामले ही सामने आये है। इन में से 50 बच्चे 12 वर्ष की आयु तक ही जीवित रहे थे। जब की चीन में एक युवती २६ साल तक जीवित रही थी। अर्पित का मामला इन सब से अलग है। वह न सिर्फ तंदुरस्त है बल्कि हरेक कार्य करने में सक्षम है।

रिपोर्ट :- बुरहान पठान






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