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अक्षरधाम मंदिर हमले का साजिशकर्ता गिरफ्तार

अहमदाबाद : गुजरात की राजधानी गांधीनगर स्थित विश्वविख्यात अक्षरधाम मंदिर पर सितंबर 2002 में हुए आतंकी हमले के एक प्रमुख षडयंत्रकर्ता को आज यहां सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से पुलिस ने पकड़ लिया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सउदी अरब के रियाद से एक उड़ान के जरिये यहां पहुंचे अब्दुल रशीद अजमेरी को पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया। उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया है।

क्राइम ब्रांच को अजमेरी के शनिवार की सुबह में अहमदाबाद आने की सूचना मिली और बिना किसी चूक के उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अजमेरी अब्दुल राशिद के छोटे भाई अजमेरी अदम को 2014 में रिहा कर दिया गया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत में उसके अपराध को खारिज कर दिया था।

24 सितंबर 2002 को गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर में बंदूकधारियों ने घुसकर फायरिंग शुरू कर दिया था। इस फिदायनी हमले में 32 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इस हमले में एनएसजी कमांडो, पुलिस कॉन्सटेबल सहित कुल 3 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।

मई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने केस के सभी 6 अभियुक्तों को बरी कर दिया था। इन 6 में से 3 को सजा-ए-मौत की सजा मिली थी, जबकि एक को POTA की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सर्वोच्च अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी किया था।

अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि सभी आरोपियों के ताल्लुकात आईएसआई, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों से हैं। मामले में 28 आरोपी अभी भी फरार हैं।

ज्ञातव्य है कि गांधीनगर में मुख्यमंत्री आवास के बिल्कुल निकट स्थित इस मंदिर पर 24 सितंबर 2002 को हुए आतंकी हमले में दो आतंकियों समेत 30 से अधिक लोगों की मौत हो गयी थी।

साजिशकर्ता अजमेरी इस घटना में नाम आने के बाद से फरार हो गया था। इस मामले में पोटा अदालत ने छह दोषियों में से तीन को फांसी तथा अन्य को उम्रकैद की सजा दी थी जिसे हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था पर बाद में उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। ज्ञातव्य है कि 1992 में निर्मित इस भव्य मंदिर के रजत जयंती समारोह में गत दो नवंबर को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिरकत की थी।

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