गुरुग्राम में नमाज अदा किए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो ने ख़बर दी है कि अपने इलाके में नमाज के मुद्दे को लेकर शिकायतकर्ता के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने गए लोगों में JNU और DU से जुड़े लोग और कांग्रेसी नेता भी शामिल थे।

आईबी ने ख़बर दी है कि नमाज के मुद्दे को लेकर शिकायतकर्ता के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने गए लोगों में राखी नाम की एक महिला भी शामिल है, जो अखबारों और पत्र पत्रिकाओं में लेख लिखती हैं। उनका संबंध जेएनयू से है। साथ ही DU में अध्ययन अध्यापन करने वाले अपूर्वानंद भी उनके साथ थे।

रिपोर्ट के मुताबिक दूसरी तरफ स्थानीय कांग्रेस नेता प्रदीप जैलदार का भी समर्थन शिकायतकर्ता को मिल रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक नमाज पढ़ने वाले लोगों को बांग्लादेशी बताया गया था लेकिन इंटेलिजेंस ब्यूरो के हेड हरविंदर सिंह ने बताया कि अभी तक पुलिस को जांच में इस बात के सबूत नहीं मिले हैं। इन सब नमाजियों के पास आधार कार्ड मिले हैं। सभी के रहन-सहन बांग्लादेशियों से जरूर मिलते हैं।

पहले भी हो चुका है बवाल

2011 में कांग्रेस के शासनकाल में स्थानीय भाजपा नेता कुलभूषण भारद्वाज ने याचिका लगाकर कहा था कि हर साल दोनों ईद के मौके पर ईद की नमाज के दौरान नेशनल हाईवे 8 पर जाम हो जाता है। उस वक़्त सरकार ने अस्थाई तौर पर नमाज के लिए देवीलाल स्टेडियम भी दे दिया था।

प्रशासन अपनी पीठ भले ही थपथपा रहा हो लेकिन जब दोनों पक्षों ने डीसी को ज्ञापन दिया तो डीसी ने हर सरकारी लैंड पर अपना बोर्ड लगा दिया है।

मुस्लिमों के लिए पवित्र माह रमजान इसी महीने की 16 तारीख से शुरू हो रहा है। ऐसे में नमाज का यह मसला और ज्यादा संवेदनशील हो सकता है। हालांकि गुरुग्राम पुलिस पूरी तरह से चौकसी बरते जाने का दावा कर रही है।