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मासूम के लिए डॉक्टर,पुलिस की इंसानियत को सलाम

District Chandauli news

चंदौली [ TNN ] मुगलसराय-पटना रेल खंड पर तारा जीवनपुर गावं के पास पिछले 12 तारिख को रेलवे ट्रैक पर मिले घायल बच्चे को इसके परिजनों से मिलाने की मुहीम तेज हो गई है । अलीनगर थाना अंतर्गत तारा जीवनपुर पुलिस चौकी के सभी सिपाही इस मुहीम में जी जान से जुट गए है ।

क्या है मामला .

गौरतलब है की पिछले 12 तारिख की सुबह पांच बजे के आसपास मुगलसराय-पटना रेल रुट पर तारा जीवनपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक बच्चा पड़ा हुआ मिला था । पहले तो लोग उसे मरा हुआ समझ रहे थे लेकिन एक ग्रामीण अनिल जो की उधर से गुजर रहा था ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा और पुलिस की मदद से बच्चे को लेकर अस्पताल पंहुचा । बच्चे के सिर में गंभीर चोट है साथ ही उसके एक पैर में फ्रैक्चर भी हो गया था। फिलहाल उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया हैं । आशंका जताई जा रही थी की किसी ट्रेन से गिर गया होगा। | जिसे एक ग्रामीण अनिल ने पुलिस की मदद से अस्पताल पहुचाया।

क्या कहते है ग्रामीण …..

तारा जीवनपुर गावं के रहने वाले पियूष पांडे , अजीत यादव और इम्तियाज ने बताया की 12 तारीख को सुबह तारा जीवनपुर रेलवे क्रॉसिंग से 100 मीटर पहले रेलवे ट्रैक पर एक बच्चा गिरा हुआ मिला था । बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था । जहाँ से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया था । अब बच्चे का इलाज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा है लेकिन घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी इस बच्चे के माँ बाप या किसी भी परिजन का कोई पता नहीं है। जिसको लेकर उस गाव के लोग भी हैरान हैं । गावं वालो को भी ताज्जुब हो रहा है की मीडिया और सोसल मीडिया में ये मामला लगातार चल रहा है । बावजूद इसके दो साल का मासूम बच्चा चार दिन बीत जाने के बाद भीं गावं में कोई जाने नहीं है इस बात पर सबको आस्चर्य है की कैसे होंगे वो माँ बाप ।

क्या कहते है बच्चे को बचाने वाले पुलिस कर्मी …….

उधर अपने परिजनों से बिछड़े इस चंदौली के चाँद को अपने परिवार से मिलाने की इस मुहीम में अलीनगर थाना के तारा जीवनपुर पुलिस चौकी के जवान भी जुड़ गए हैं । बच्चे को अस्पताल पहुचाने वाले सिपाही राकेश यादव सहित पूरा चौकी स्टाफ अब इस बात का पता लागाने में जुट गया है की आखिर यह बच्चा है कौन। इसके लिए पुलिस के इन जवानो ने बक्सर से इलाहबाद के बीच के सभी रेलवे स्टेशनों पर सूचना भिजवाई है साथ ही फेसबुक और वाट्सएप के माध्यम से भी इस बच्चे की फोटो सर्कुलेट कर रहे हैं। 

मासूम के लिए फरिस्ता बने चिकित्सक …….

गंभीर हालत में चंदौली जिला चिकित्सालय से बीएचयू में रेफर किये गए मासूम को बीएचयू में भर्ती नहीं किया गया तो ग्रामीण अनिल उसे लेकर जिला अस्पताल, कबीर चौरा लेकर पहुंचे। वहां डॉ. प्रभात कुमार ने बच्चे का इलाज शुरू किया। यहां व्यवस्‍था ठीक न होने के चलते डॉ. प्रभात ने शिवपुर स्थित एक नर्सिंग होम में मासूम को भर्ती कराया और उसके इलाज का पूरा जिम्मा उठाने की बात कही। उनका कहना है की जब तक बच्चा पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता वो अपने खर्चे पर बच्चे का समुचित इलाज करवाएंगे । अगर बच्चे के माँ बाप नहीं मिलते तो डॉ.प्रभात बच्चे को गोद ले लेंगे ।

रिपोर्ट -संतोष जायसवाल

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