राम मंदिर के नाम पर न हो चंदा वसूली, इसके लिए प्रशासन करे विशेष उपाय – मुख्य पुजारी

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए नवगठित राम जन्म भूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक के बाद अब ट्रस्ट के चंदे की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं और इसको लेकर सुझाव भी आ रहे हैं।

राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने लोगों से अपील की है कि अधिकृत व्यक्ति को ही राम मंदिर के लिए दान या चंदा दे।

इसी के साथ उन्होंने आशंका जताई है कि ऐसा न हो कि अभी तक जिस प्रकार लोग रामलला के नाम पर पैसे वसूल कर अपना घर बना रहे हैं। उसी प्रकार ट्रस्ट के नाम पर भी कुछ अनाधिकृत लोग पैसा और चंदा वसूलने लगे और वह पैसा रामलला के खाते में पहुंचे ही नहीं। इसके लिए प्रशासन विशेष उपाय करे और यदि कहीं भी इस प्रकार रामलला के नाम पर कोई भी व्यक्ति पैसा वसूलते चंदा या दान लेते मिलता है, तो उसको दंडित किया जाए। नहीं तो जो अभी तक राम मंदिर के लिए ठगी हो रही है वह रुकने वाली नहीं है।

इसी के साथ आचार्य सत्येंद्र दास ने ट्रस्ट से भी कहा है कि वह जिस बैंक में खाता खोलें उसका प्रचार प्रसार करें और यह स्पष्ट करे कि चंदा लेने के लिए कौन अधिकृत व्यक्ति है। किसके माध्यम से दानदाताओं को दान की रसीद प्राप्त होगी, ताकि रामलला के लिए जो बैंक अकाउंट खुलेगा उसी में सारे पैसे जाएं। इसके लिए ट्रस्ट और प्रशासन दोनों को विशेष ध्यान देना होगा और संयुक्त रूप से रणनीति बनानी होगी।

राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास की यह आशंका गलत भी नहीं है, क्योंकि अभी तक राम मंदिर के नाम पर दान लेने की कई शिकायतें सामने आई है।

रामलला के मुख्य पुजारी ने जो आशंका जताई है उससे निपटना भी प्रशासन और ट्रस्ट के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। अब देखना है ट्रस्ट इसको लेकर क्या रणनीति बनाता है और दानदाताओं के दान को राम तक पहुंचाने के लिए कौन से कदम उठाता है।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए बनाया गया ट्रस्ट का स्वरूप पूर्ण रूप से विकसित हो चुका है अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष नियुक्त हो गए हैं। अब उनके हस्ताक्षर से ही बैंक में खाता खोलना है, तो स्वाभाविक है कि जो राष्ट्रीय संस्था बनती उसका बैंक अकाउंट होता है।

उस बैंक का अकाउंट नंबर लोगों को मिलेगा इस प्रकार से दानदाताओं की जो लंबी संख्या बनेगी। वह खाते के अनुसार अपने को उसमें समाहित कर सकते हैं।

दान देने वाला अमीर-गरीब किसी भी तरीके का हो सकता है। कुछ दिनों में रामलला को दान प्राप्त भी होने लगेगा। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।