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दुनियाभर में यह देश हैं काली कमाई का ठिकाना !

black-moneyनोटबंदी के जरिए कालेधन के खिलाफ हुई कार्रवाई का असर दिखने लगा है। हालांकि, अब भी कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे काले धन पर लगाम लगाने में मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि काफी मात्रा में काला धन विदेशी बैंकों में विदेशी मुद्रा के रूप में जमा है।

– स्विटजरलैंड
भारतीयों के काला धन जमा होने को लेकर हंगामा भी मचता रहा है। हालांकि, ये अकेला देश नहीं है जिसे कालेधन के ठिकाने के तौर पर समझा जाता हो। दुनियाभर में ऐसे कई देश हैं, जो लोगों की काली कमाई का ठिकाना है। ये वो देश हैं, जो टैक्स फ्री हैं या फिर यहां नाममात्र टैक्स है।

– कैमेन आइलैंड
ये एक ऐसा देश है, जहां न तो किसी को पर्सनल इनकम पर टैक्स देना होता है और न ही सामाजिक सुरक्षा के लिए फंड में कोई रकम देनी होती है। हालांकि, यहां के नेशनल पेंशन लॉ के मुताबिक, हर कंपनी को अपने वर्कर्स के लिए एक पेंशन स्कीम चलानी होती है। इसमें वह प्रवासी भी शामिल होते हैं, जो लगातार नौ महीने से यहां काम कर रहे हैं।

– कतर
कतर के लोकल वर्कर्स के लिए सोशल सिक्युरिटी चार्ज पांच फीसदी की दर से लगता है और यहां के नागरिकों के लिए 10 फीसदी है, लेकिन यहां पर किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी पर इनकम टैक्स, फंड या प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर कोई टैक्स नहीं है।

– ओमान
ओमान तेल के बड़े उत्पादक देशों में से है। यहां भी किसी व्यक्ति की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। यह देश भी टैक्स हेवेन देशों की लिस्ट में शामिल है।

– कुवैत
यहां के टैक्स कानून के मुताबिक हर नागरिक को इनकम टैक्स से आजादी है। हालांकि, सामाजिक सुरक्षा में योगदान देना न केवल सरकारी, बल्कि निजी कर्मचारियों के लिए कम्पलसरी है।

– बहरीन
बहरीन में कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता है। हालांकि, सोशल इंश्योरेंस और इम्प्लायमेंट टैक्स जरूर लगता है। बहरीन के नागरिकों को सोशल इंश्योरेन्स टैक्स अपनी कुल इनकम का सात फीसदी देना होता है। बहरीन में एम्प्लॉयर को अपने कर्मचारियों के लिए सोशल सिक्युरिटी टैक्स 12 फीसदी की दर से जमा करना होता है।

-बरमूडा
इस छोटे से देश में भी कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं देना होता है। कंपनी या एम्प्लायर को एक पे-रोल टैक्स 14 फीसदी की दर से देना होता है। सरकार पे-रोल टैक्स का एक हिस्सा 5.25 फीसदी की दर से कंपनी की सहमति से कर्मचारी से वसूली कर सकती है

-बहमास
बहमास में भी किसी पर कोई इनकम टैक्स नहीं है। यहां रियल एस्टेट एक्जीविशन टैक्स (स्टांप ड्यूटी) और होल्डिंग टैक्स (रियल प्रॉपर्टी टैक्स ) लागू है। इसके अलावा सोशल सिक्युरिटी के लिए यहां कंपनी को कर्मचारी की सैलरी का 5.9 फीसदी देना होता है। वहीं, इसमें कर्मचारियों का योगदान 3.9 फीसदी का होता है। जनवरी 2015 में यहां वैट लागू किया गया है। इसकी दर 7.5 फीसदी है।

-सऊदी अरब
सऊदी अरब में सैलरी पर कोई टैक्स नहीं है। हालांकि, अपना बिजनेस करने वाले प्रवासियों पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। नेचुरल गैस सेक्टर से जुड़ी कंपनी को 30 फीसदी टैक्स देना होता है। जबकि ऑयल और हाइड्रोकार्बन सेक्टर में प्रोडक्शन से जुड़ी कंपनीज पर टैक्स की दर 85 फीसदी है।

-ब्रुनेई
यहां किसी भी तरह का पर्सनल इनकम टैक्स नहीं देना होता है। यहां एक एम्प्लॉए ट्रस्ट फंड और सप्लिमेंटल कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम है। इस स्कीम के तहत ट्रस्ट फंड के लिए 5 फीसदी और पेंशन के लिए 3.5 फीसदी योगदान एम्प्लॉय को देना होता है। यहां अन्य कोई इंडिविजुअल टैक्स नहीं है। [एजेंसी]




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