Home > India News > PNB महाघोटाला : जाने पूरा मामला

PNB महाघोटाला : जाने पूरा मामला

पंजाब नैशनल बैंक के जरिए हुए महाफर्जीवाड़े का पता चलने के बाद बैंक ने 29 जनवरी 2018 को इसकी शिकायत सीबीआई से की। इस कंप्लेंट लेटर के आधार पर ही सीबीआई ने अगले दिन 30 जनवरी 2018 को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

हालांकि तब 280 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का पता चला था। 14 फरवरी को पीएनबी ने 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर नीरव मोदी और एक जूलरी कंपनी के खिलाफ सीबीआई को 2 और शिकायत दी।

शिकायत पत्र में जिन अहम बातों का जिक्र है, उन्हें हम यहां पेश कर रहे हैं। इन 10 बिंदुओं पर नजर डालने पर आपको भी इस पूरे फर्जीवाड़े के ओर-छोर का पता चल जाएगा.

1. पंजाब नैशनल बैंक के मुंबई स्थित जोनल ऑफिस के डेप्युटी जनरल मैनेजर अवनीश नेपलिया ने सीबीआई से 29 जनवरी 2018 को लिखित शिकायत की। इसमें कहा गया कि मुंबई के ब्रैडी हाउस स्थित पीएनबी के मिड कॉर्पोरेट ब्रांच ने फर्जी तरीके से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग्स (LOU) जारी किए।

2. LOUs जारी करने का फर्जीवाड़ा डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स के लिए और उनकी ओर से किया गया। नीरव मोदी, निशाल मोदी, अमी नीरव मोदी, मेहुल चिनुभाई चौकसी इन कंपनियों के पार्टनर्स हैं।

3. फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 16 जनवरी 2018 को इन कंपनियों ने बैंक से संपर्क करके कुछ दस्तावेज पेश किए और उनका क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का आग्रह किया ताकि विदेशी सप्लायर्स को पेमेंट किया जा सके।

4. चूंकि इन कंपनियों के नाम पर कोई क्रेडिट लिमिट स्वीकृत नहीं थी, इसलिए बैंक ब्रांच के अधिकारियों ने कंपनियों से कहा कि वे कम-से-कम 100% कैश मार्जिन मुहैया कराएं ताकि क्रेडिट बढ़ाने के लिए LOU जारी किया जा सके। इस पर कंपनियों ने कहा कि उन्हें पहले भी इस तरह की सुविधा मिली हुई थी। लेकिन, बैंक ब्रांच के रिकॉर्ड्स में इन कंपनियों को ऐसी सुविधा दिए जाने का जिक्र कहीं नहीं था।

5. जब मामले की प्राथमिक जांच की गई तो पता चला कि ब्रांच के डेप्युटी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी और हनुमंत खरात ने नियमों का उल्लंघन करते हुए 9 फरवरी 2017 को डायमंड आर यूएस और सोलर एक्सपोर्ट्स के पक्ष में क्रमशः 4415791.96 डॉलर और 4335391.38 डॉलर के लिए LOUs जारी कर दिए थे और इनकी एंट्री भी नहीं की थी जिससे इस फर्जी ट्रांजैक्शं का पता नहीं चल पाया। गोकुलनाथ शेट्टी 31 मार्च 2010 से इस ब्रांच के फॉरन एक्सचेंज डिपार्टमेंट में कार्यरत थे जो 31 मई 2017 को रिटायर हुए हैं।

6. आरोपियों ने अगले ही दिन 10 फरवरी 2017 को दोबारा डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स के पक्ष में क्रमशः 5942017.70 डॉलर, 5843161.93 डॉलर और 6093321.10 डॉलर के लिए तीन LOUs जारी कर दिए।

8. फिर 14 फरवरी 2017 को डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स के नाम क्रमशः 5856885 डॉलर, 5862251.03 डॉलर और 5877064 डॉलर के लिए तीन LOUs जारी किए।

7. 9 और 10 फरवरी को जारी किए गए LOUs के मुताबिक इलाहाबाद की हॉन्ग कॉन्ग स्थित शाखा को 25.01.2018 तक पैसे पीएनबी से मिल जाने थे। इसी 14 फरवरी 2017 को जारी LOUs के तहत हॉन्ग कॉन्ग स्थित ऐक्सिस बैंक की शाखा को पैसे मिलने थे।

8. इस तरह पीएनबी के दोनों स्टाफ्स ने कुल 44225812.10 डॉलर के कुल 8 LOUs फर्जीवाड़े से जारी कर दिए। यह रकम 63.47 रुपये प्रति डॉलर के नैशनल एक्सचेंज रेट से 2 अरब 80 करोड़ 70 लाख 12 हजार 293 रुपये 98 पैसे होती है।

9. इस तरह, यह स्पष्ट हो चुका है कि गोकुलनाथ शेट्टी और मनोज हनुमंत खरात ने नीरव मोदी, निशाल मोदी, अमी नीरव मोदी और मेहुल चिनुभाई चौकसी और उनके प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं (ऑथराइज्ड सिग्नेटरीज) हेमंत भट्ट और कविता मानकिकर के साथ मिलीभगत कर पीएनबी, इलाहबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक के साथ 280.70 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया।

10. हम उपर्युक्त आरोपियों के खिलाफ और अन्य अनाम सरकारी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच करते हुए कानून सम्मत सजा दिलाने के लिए उनपर मुकदमा दर्ज करने की अपील करते हैं। साथ ही हम उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी करने का आग्रह करते हैं ताकि ये लोग कानूनी-कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़कर भाग नहीं सकें।

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .