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केरल के कोच्चि में खुला भारत का पहला ट्रांसजेंडर स्कूल

India-thirdsex-samisiva-may2014-11.JPG#Transgender कोच्चि में भारत का पहला Transgender ट्रांसजेंडर स्कूल खुला। केरल के अर्नाकुलम जिले के थ्रिक्काकरा में खुले इस स्कूल का नाम सहज इंटरनैशनल है, जिसका उद्घाटन ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता, लेखक एवं ऐक्टर कल्कि सुब्रमण्यम ने किया। यह सेंटर नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के साथ मिलकर काम करेगा।  Hijra -Transgender

देश में अपने प्रकार के इस पहले स्कूल के खुलने से उम्मीद है कि उन ट्रासंजेंडर्स को शिक्षा का समान अवसर मिलेगा, जो बीच में पढ़ाई छोड़ देते थे। नए लर्निंग सेंटर से उनको अपनी पढ़ाई जारी रखने और दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा में बैठने में मदद मिलेगी।

अब ट्रांसजेंडर तीसरे लिंग के तौर पर शामिल

इस मौके पर कल्कि ने कहा, ‘आज का दिन एक अहम दिन है, ऐतिहासिक दिन और ऐतिहासिक समय है। यह इसलिए एक अहम दिन है क्योंकि हम ट्रांसजेंडरों के लिए एक लर्निंग सेंटर खोल रहे हैं। भारत में अब तक किसी और जगह पर यह कदम नहीं उठाया गया है। यह अन्य राज्यों के लिए अमल करने योग्य मॉडल होगा।’

ट्रांसजेंडर विधेयक लोकसभा में

यहां छात्रों को सॉफ्ट स्किल्स, सिलाई, कार्बनिक खेती, व्याख्यान, व्यक्तित्व विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक वी.एस.रवींद्रन ने बताया कि यह ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए शिक्षा का वैकल्पिक केंद्र एनआईओएस का विशिष्ट मान्यता प्राप्त संस्थान होगा।

देश की पहली 25 साल की ट्रांसजेंडर पुलिस अफसर

ट्रांसजेंडर स्कूल का संचालन ट्रांसजेंडर फाउंडेशन के तहत छह ट्रांसजेंडरों और एक महिला द्वारा होगा। इस अग्रणी संस्थान के लिए प्रेरक का काम करने वाली विजयराजा मलिका ने बताया, ‘स्कूल की शुरुआत एक प्रवासी और दिव्यांग ट्रांसजेंडर समेत 10 छात्रों से होगी। शिक्षा में वंचित रहे समुदाय को अपने सामाजिक कद को मजबूत करने में मदद करने के लिए शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों और इंजिनिययरों पर आधारित 60 प्रशिक्षक सदस्यों की एक टीम होगी।’

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शहर में स्कूल खोलने के लिए जगह की तलाश में ट्रांसजेंडरों को काफी परेशानियों  का सामना करना पड़ा। आयोजकों ने कहा कि ज्यादातर मकान मालिकों ने स्कूल शुरू करने के लिए जगह देने से मना कर दिया। एक क्रिस्चन संगठन सीएमसी विमल प्रोविंस ने थ्रिक्काकरा में 1.5 एकड़ प्लॉट में स्थित एक रेंट फ्री बिल्डिंग लीज पर दी, जिसके बाद स्कूल का सपना साकार हो सका।

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