Drone Restrictionsनई दिल्ली – भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें शक है कि पाकिस्तानी आतंकवादी एक बार फिर भारत पर हमले की साजिश रच रहे हैं। इस बात की बड़ी संभावनाएं नज़र आ रही है कि आतंकी संगठन इस बार अपने हमले में अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) या ड्रोन्स और पैराग्लाइडर्स का इस्तेमाल करें।

केंद्र सरकार ने इस खतरे को ध्यान में रखते हुए देश में ड्रोन्स उड़ाने को लेकर एक बेहद कड़ी पॉलिसी तैयार की है। इस पॉलिसी में यूएवी के अलावा पैराग्लाइडर्स, हॉट एयर बलून्स, रिमोट से उड़ने वाली डिवाइस, हल्के एयरक्राफ्ट को भी शामिल किया गया है। जल्द ही इस पॉलिसी को लागू किया जा सकता है। हाल ही में 30 अगस्त को पाकिस्तान के बलूचिस्तान के जेवानी में एक हथियारबंद शख्स ने एक छोटे एयरपोर्ट को निशाना बनाया था।

इस घटना के बाद से भारतीय एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। भारत में 325 से ज्यादा या कम इस्तेमाल होने वाले या न होने वाले एयरस्ट्रिप मौजूद हैं। एजेंसियों को शक है कि इनका इस्तेमाल हल्के ग्लाइडर्स और ड्रोन्स को लॉन्च करने में हो सकता है। हवाई हमले का यह डर लश्कर-ए-तयैबा के आतंकी सैय्यद जबिनुद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल, इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी सैय्यद इस्माइल अफीक और खालिस्तानी मिलीटेंट लीडर जगतर सिंह तारा से हुई पूछताछ में सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी में पता चला है कि कई आतंकवादी संगठन पैराशूट जंपिंग की भी ट्रेनिंग भी ट्रेनिंग दे रहे हैं।

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