क्या महागठबंधन में भी होने वाली है फूट, नाराज कुशवाहा के बाद नीतीश से मिले मांझी

नीतीश से मुलाकात करने से एक दिन पहले मांझी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को धमकी देते हुए कहा कि यदि राजद अपना रवैया नहीं बदलती है तो वह मार्च के बाद एक बड़ा फैसला लेंगे के लिए आजाद होंगे। नीतीश और मांझी की इस मुलाकात को महागठबंधन में जारी टकराव से जोड़कर देखा जा रहा है।पटना : बिहार में विपक्षी के महागठबंधन में टकराव देखने को मिल रहा है। इसी बीच मंगलवार की देर शाम को महागठबंधन के घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के मुखिया जीतन राम मांझी ने एनडीए के सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात काफी देर तक चली।

नीतीश से मुलाकात करने से एक दिन पहले मांझी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को धमकी देते हुए कहा कि यदि राजद अपना रवैया नहीं बदलती है तो वह मार्च के बाद एक बड़ा फैसला लेंगे के लिए आजाद होंगे। नीतीश और मांझी की इस मुलाकात को महागठबंधन में जारी टकराव से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि अपनी इस मुलाकात के बारे में मांझी ने सफाई देते हुए कहा है कि वह अपनी विशेष सुरक्षा दस्ता की सुरक्षा में की गई कटौती को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में 50 मिनट तक बातचीत हुई।

हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने इसे दो नेताओं के बीच विकास के मुद्दे पर सामान्य मुलाकात बताया है। उन्होंने यह बात स्वीकार की है कि जब दो राजनेता मिलते हैं तो राजनीति की बात होती ही है। इस मुलाकात में राजनीति की क्या बातें हुईं, इसे लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है और कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

नीतीश से मुलाकात के बाद गरमाई राजनीति को लेकर मांझी ने सफाई दी है। उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री से 14 मार्च को हटाई गई अपनी एसएसजी सुरक्षा को फिर से बहाल करने की बात करने गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री होने की वजह से राबड़ी देवी को यह सुरक्षा मिली हुई है।

मांझी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश ने उनके आग्रह पर एसएसजी सुरक्षा बहाल करने की बात कही है। हालांकि माना जा रहा है कि मांझी और नीतीश की 50 मिनट की मुलाकात में कई और मामलों पर चर्चा हुई होगी। बता दें कि मांझी महागठबंधन से नाराज चल रहे हैं। वहीं कांग्रेस भी राजद के राज्यसभा सीट को लेकर किए वादे को पूरा न करने से खफा है।