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पॉलीमर साइंस यही है यही चलन

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आज जिस तरह पॉलीमर फार्मसिटिकल पैकेंजिन ओप्टीकल जैसी कम्पनियां फलपूहृल रही है। और उन कम्परियों के उत्पादों पर लोगों की निर्यात दिनों दिन इस कदर बढ रही है कि सभी कम्पनियों में पॉलीमर विशेषज्ञ की मांग भी बढ है। इसी से संबंधित एक कोर्स दिल्ली विश्वविद्यालय के भाष्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज में पॉलीमर साइंस के नाम से चालाया जा रहा है। 

क्या है पॉलीमर साइंस पॉलीमर साइंस केमिस्ट्री की ही एक शाखा है। इस बायोमेडिकल साइंस से ही जुडे पहलुओं पर जैसे मेडिसिन, बायोटेव्नहृोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी व इसी के दूसरे पक्षों के अध्ययन पर छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है। 

भाष्कराचार्य कालेज के रीडर डॉ. मनोज खन्ना के मुताबिक-ऐसे कोर्स का भविष्य बेहद उज्वल है और यह कोर्स डी.यू द्वारा गत ढाई वर्षो से केवल भाष्कराचार्य कालेज में ही चलाया जा रहा है।

योग्यता-पॉलीमर साइंस एक तीन वर्षीय डिग्री कोर्स है, जिसे बारहवीं के बाद कर सकते है। योग्यता के तहत जरूरी है कि आपके फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ में न्यूनतम अंक 60 फीसदी हों। इस कोर्स के लिए कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होती है, लेकिन दखिला मेरिट के आधार पर ही किया जाता है।
इस कोर्स के लिए कालेज में कुल 30 सीटें उपलब्ध है।

जॉब के अवसर: पॉलीमर साइंस यानी बायोमिडिकल साइंस के क्षेत्र में आगे बढने की अपार संभावनाएं है, वैसे ग्रेजुएट कोर्स करने के बाद प्लास्टिक, फार्मास्युटिकल, पैकेजिंग व ऑप्टिकल फाईबर जैसी कम्परियों में बतौर टेव्निहृकल व रिसर्च इंजीनियर, मैनेजर आदि बन सकते है।
वेतन: इस कोर्स के ग्रेजुएट को शुरूआत में 10000 से 12000 रुपये तक मसिक वेतन मिलता है, लेकिन मास्टर व स्पेशलाइजेशन करने के बाद आप 30,000 से 50,000 रुपये तक का मसिक वेतन भी पा सकते है।

फॉर्म भरने का समयः इस कोर्स के लिए फार्म आप डी.यू. व भाष्कराचार्य कालेज से नये शिक्षा सत्र यानी जुलाई माह में प्राप्त कर सकते है।
इस कोर्स के लिए एक वर्ष की फीस करीब 2000 रू. चार्ज की जाती है। इस बारे में जानकारी बेबसाइट से ले सकते है।
प्रशिक्षण संस्थान: भाष्कराचार्य कालेज ऑफ अप्लाइड साइंसेज, सेक्टर -02 द्वारका, नई दिल्ली।
फोन-25087597,27667725

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