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ठेकेदार गांव-गांव एजेंट बनाकर बिकवा रहे अवैध शराब !

खंडवा : जिले भर में अवैध शराब की बिक्री जोर-शोर से चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विरोध भी देखा जा रहा है। लेकिन विभाग इस ओर गंभीर नहीं है। शहरी क्षेत्र की बात करे तो यहां पर स्थित कुछ होटलों में शराब परोसी जा रही है। वहीं शहर से लगे ढाबों पर भी अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग कार्यवाही के नाम पर कुछ छोटे-मोटे केस बनाकर इतिश्री कर लेता है।

इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि आबकारी विभाग अवैध शराब पर रोक लगाने के मामले में कितना गंभीर है। इसके अलावा पुलिस द्वारा जिले भर में अवैध शराब बेचने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। लेकिन यह कार्यवाही भी संदेह के दायरे में है क्योंकि प्रथम सूचना (डीएसआर) में अवैध शराब रोड पर बेचने का उल्लेख हो रहा है। अब सवाल यह उठता है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कोई शराब की बोतले लेकर बेच सकता है?

सूत्रों से पता चला है कि शराब सड़क पर नहीं ढाबों व छोटी-मोटी गुमटियों से बेची जा रही है। कार्यवाही के नाम पर पुलिस सड़क किनारे शराब पकडऩा बता देती है। इसके अलावा एक दिन पूर्व ही आशापुर में अज्ञात आरोपी बोलेरो गाड़ी क्रमांक एमपी 12 डी 1873 में 32 पेटी प्लेन शराब कुल 288 लीटर कीमत 96000 व बोलेरो कीमत 250000 कुल कीमत 346000 रुपये का अवैध शराब व वाहन जप्त किया गया। इस कार्रवाई में कोई व्यक्ति मौके पर पकड़ा नहीं गया? इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है यह कार्रवाई भी पुलिस द्वारा खानापूर्ति के नाम पर की गई है क्या?

गौर करने वाली बात यह है कि आबकारी एवं पुलिस विभाग कभी-कभार कार्यवाही तो करती है लेकिन वह भी कागजी खानापूर्ति के लिए। वहीं शहर में अवैध अहाते भी संचालित हो रहे हैं जहां बकायदा बैठाकर शराब परोसी जा रही है। जबकि उंगली पर गिने तो एक-दो के पास ही अहाते संचालित करने का लायसेंस है। बाकी अहाते अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन पर दोनों ही विभाग कार्रवाई करने में फिसड्डी साबित हुए हैं।

जिले भर की बात की जाए तो कई क्षेत्रों में तो किराने की दुकान, पान दुकान, चाय दुकान पर देशी से लेकर विदेशी शराब बिक रही है। शहर में तो यह हाल है कि ड्राय-डे हो या किसी कारणवश शराब दुकान बंद हो तो देशी से लेकर विदेशी शराब पिज्जा की तरह कम दामों में उपलब्ध हो जाती है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शराब का अवैध कारोबार किस तरह जिले में फल-फूल रहा है।

पूर्व में ऐसे कई प्रकरण प्रकाश में आए चुके हैं जिसमें पुलिस ने छापामार कार्यवाही कर अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाया। लेकिन आबकारी विभाग का अमला इस ओर कोई ठोस पहल करते नजर नहीं आ रहा।
इनका कहना है-
यदि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री हो रही है तो शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
व्ही.एस.सोलंकी, जिला आबकारी अधिकारी, खंडवा

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