खंडवा : प्यार, इश्क, मोहब्बत कहते हैं कि यह किसी बंधन किसी भी सीमा परे होते हैं। इस विषय पर भारतीय सिनेमा में सैकड़ो फिल्में बन चुकी हैं। कई किस्से कहानियां इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।

मोहब्बत में कई रांझे अपनी हीर को पा गए तो कही विरहा की आग में तपते हुए उजाड़ गए। ऐसा ही एक मामला  खंडवा में भी देखने को मिला जहाँ एक प्रेमी जोड़े को समझाने में न्यायालय परिसर देखते ही देखते जंग का मैदान बन गया।

शायर जिगर मुरादाबादी ने इश्क को लेकर लिखा कि ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे।  इक आग का दरिया है और डूब के जाना है….. तो कई शायरों ने इश्क को इबादत कहा, सूफियों ने इसे ईश्वर की साधना।  तो मीरा ने श्री कृष्ण के प्रेम में अपना सब कुछ निछावर कर दिया । इस इश्क के बूते न जाने कितने किस्से कहानियाँ बनी।

खंडवा में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जहाँ एक प्रेमी जोड़े के प्यार में अडचन पैदा करने वाले लड़की के पूरे परिवार वालों को प्रेमी ने खंडवा एसडीम न्यायालय में हाजरी लगवा दी। अब अपनी बेटी के प्रेम में बिलखती इस मां के प्यार  को देखिए।  लेकिन जन्म देने वाली इस मां का प्रेम अपने प्रेमी के  प्यार के आगे बौना पड़ गया।

दरअसल बेड़ियांव की रहने वाली 23 वर्षीय दीक्षा ने बलवाडा के युवक रूपेश से अप्रैल माह  में कोर्ट में लव मैरिज कर लिया।  लेकिन युवती के परिजनों को यह कतई गंवारा नही था। फिर क्या था लड़की को उसके परिजनों ने बहला-फुसलाकर उसे वापस अपने घर ले आए।

लडके ने कई बार उसे वापस करने की मिन्नतें की लेकिन लड़की को वापस करने की बजाय परिजनों ने उसके साथ मारपीट की धमकी दी। फिर प्रेमी  युवक ने न्यायालय का सहारा लिया।

मामले को संज्ञान में लेते हुए खंडवा एसडीएम ने लड़की की परिजनों को नोटिस देकर शुक्रवार को उपस्थित होने को कहा।  फिर क्या था लड़की को यह रिश्ता तोड़ने के लिए परिजनों ने खूब  समझाया, मान  मनौव्वल की, मनुहार की।

लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ ही जाने की रट लगाए हुए थी। जब समझाने पर भी मामला नहीं बना तो लड़की के परिजनों ने एसडीएम परिसर में हंगामा शुरू कर दिया देखते ही देखते परिसर अखाड़े में बदल गया।

लड़की के नही मानने पर उसके परिजनों ने रूपेश के साथ न्यायालय परिसर में ही जमकर मारपीट करने लगे। खींचातानी उठापटक के बीच पुलिस बुलाई गई।

आखिर खंडवा एसडीएम संजीव पांडे ने लड़की के पक्ष में फैसला सुनाया। लड़की बालिग़ है जहाँ जाना चाहे वह जा सकती हैं।