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नर्मदा नदी खतरे के निशान पर, सभी घाट हुए जलमग्न

narmada riverखंडवा- बरगी और तवा बांध के गेट खुलने से इंदिरासागर के जलाशय में 4200 क्यूमेक्स पानी की आवक हो रही है। इंदिरासागर बांध का जलस्तर 260 मीटर बनाए रखने के लिए 16 गेट खोले गए हैं।

ओंकारेश्वर बांध के 14 गेट खुलने और पूरी क्षमता से टरबाइन चलने के कारण नर्मदा के निचले क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। ओंकारेश्वर में नर्मदा का जलस्तर 166 मीटर तक पहुंचने से सभी घाट जलमग्न हो गए हैं।

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नर्मदा का जलस्तर बढ़ने और नाव संचालन प्रतिबंधित होने से सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के नौकाविहार को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। कलेक्टर स्वाति मीणा नायक ने बताया कि सोमवार को ओंकारेश्वर में भगवान को नौकाविहार की अनुमति पर विचार विमर्श उपरांत निर्णय लिया जाएगा।

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नर्मदा का जलस्तर 4 मीटर बढ़ा
इस मानसून सत्र में पहली बार नर्मदा नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 4 मीटर बढ़ा है। ओंकारेश्वर में सभी घाट जलमग्न हो चुके हैं। मोरटक्का और महेश्वर में भी नर्मदा उफान पर है। मांधाता तहसीलदार एसएल ठाकुर ने बताया कि घाटों पर पुलिस और गोताखोर तैनात हैं।

राजघाट पुल डूबने का खतरा
इंदिरा सागर बांध व ओंकारेश्वर बांध के गेट खोल जाने पर नर्मदा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार रात 8 बजे तक नर्मदा खतरे के निशान के समीप तक आ गई।

राजघाट में नदी का जल स्तर 122.700 मीटर पहुंच गया, वहीं खतरे का निशान 123.280 मीटर है। वहीं 127 मीटर जलस्तर होने पर राजघाट पुल डूब में आता है। जल स्तर लगातार बढ़ता देख जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। एसडीएम हृदयेश श्रीवास्तव व थाना प्रभारी सीबी सिंह ने शनिवार सुबह राजघाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एजेंसी






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