खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा में भाजपा सांसद और किसान आमने- सामने हो गए है एक कार्यक्रम में भाजपा सांसद नंदकुमार सिंह ने बोला दिया की किसानों ने कर्जमाफी के लालच में भाजपा का साथ नहीं दिया इस पर किसान भड़क गये इन किसानों ने अपने आगामी सभी कार्यक्रमों में नंदकुमार सिंह चौहान का बायकॉट करने की घोषणा की।

खंडवामें अतिवृष्टि के कारण खराब हुई प्याज की फसल को सरकारी राहत सर्वे में जुड़वाने के लिए इकट्ठा हुए किसान सम्मेलन में खंडवा के सांसद नंदकुमार सिंह चौहान की बड़ी फजीहत हुई। इन किसानों को उम्मीद थी कि सांसद महोदय प्याज की फसल को भी सर्वे प्रक्रिया में शामिल करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से पहल करेंगे लेकिन हुआ इससे उल्टा।

नंदकुमार सिंह चौहान ने खराब हुई प्याज की फसल पर तो कोई बात नहीं की उल्टा किसानों पर ही पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार नहीं बनाने का आरोप मढ़ दिया। सांसद ने कहा कि कांग्रेस की ओर से दो लाख रु कर्ज माफी की घोषणा के लालच में प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं बन पाई। सांसद के इस बयान के बाद किसान भड़क गए और नंदकुमार सिंह चौहान का ही अगले सभी किसान कार्यक्रमों में बायकॉट करने की घोषणा की।

खंडवा में पिछले कुछ दिनों से जिले के किसान अतिवृष्टि के कारण खराब हुई फसलों के सर्वे में प्याज की फसल को भी शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर आज अनाज मंडी के प्रांगण में किसानों का आंदोलन था ,जिसमें खंडवा के सांसद नंदकुमार सिंह चौहान को भी आमंत्रित किया गया था। इन किसानों को उम्मीद थी कि सांसद महोदय प्याज की फसल को भी सरकारी सर्वे प्रक्रिया में शामिल करवाएंगे जिससे केंद्र और राज्य सरकार से खराब हुई प्याज की फसल का मुआवजा मिल सके।

किसानों को संबोधित करते समय नंदकुमार सिंह चौहान ने सख्त लहजे में किसानों पर तंज कसा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी की ओर से दो लाख रु तक का कर्जा माफ करने के लालच में आकर किसानों ने भारतीय जनता पार्टी का साथ नहीं दिया, जिससे कांग्रेस की सरकार बन गई । नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि पिछली शिवराज सिंह सरकार ने किसानों को सोयाबीन पर राहत राशि और फसल बीमा योजना की राशि दी थी। नंदकुमार सिंह चौहान ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसानों की फसल खराब होती है तो यह प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह किसानों को राहत उपलब्ध करवाएं।

सांसद नंदकुमार सिंह चौहान की इन बातों से किसान भड़क गए। उनका कहना था कि सांसद महोदय जिस अंदाज और तेवर से भाषण दे रहे थे उससे ऐसा लगता है कि पिछले साल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं बनने का मुख्य कारण किसान ही था । भारतीय किसान संघ के सुभाष पटेल ने कहा कि पिछली सरकार ने किसानों को जो राहत राशि दी थी वह कोई एहसान नहीं था । उसके लिए भी किसानों ने समय-समय पर जबरदस्त आंदोलन किए थे उसके बाद प्रदेश सरकार ने यह राहत राशि दी थी।

किसानों ने कहा कि जिस तरह से सांसद ने किसानों के प्रति तीखे तेवर अपनाए यह किसानों का अपमान है। इन किसानों सांसद की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से करने की बात कही। कहा कि ऐसे सांसद के बयानों पर लगाम नहीं लगाया गया तो भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा न भुगतना पड़ेगा। इन किसानों ने अपने आगामी सभी कार्यक्रमों में नंदकुमार सिंह चौहान का बायकॉट करने की घोषणा की।