खंडवा : आप ने अक्सर देखा होगा राजनितिक या आम लोग किसी बात का विरोध करने के लिए किसी का पुतला जलाते या विरोध जताने के लिए भैस या गधे का सहारा लेते हैं।

पर खंडवा कलेक्टर के ग्रामीणों से ना मिलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने अपनी बात एक बाबू नाम के कुत्ते को सुना उसे ही अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप दिया।

दरअसल ग्रामीण अपने गांव की समस्या लेकर आज जान सुनवाई में पहुंचे थे। वे कलेक्टर से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन देना चाहते थे पर कलेक्टर ने उन्हें यह कह कर जनसुनवाई में भेज दिया की वे वही आ कर बात करेंगे।

जनसुनवाई में ग्रामीणों की मुलाकात एसडीएम से हुई। इस बात से ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने कलेक्टर ऑफिस के पास ही एक कुत्ते हो ज्ञापन सौंप कर अपना विरोध जताया।

कुत्ते को घेर कर बैठे ये लोग खंडवा के ग्राम नवली के ग्रामवासी हैं। इनकी समस्या यह है कि तालाब बनने से इनके घर और खेत डूब में आ गये हैं। बारिश से तालाब में का पानी बढ़ने से ग्रामीणों के खेतों में पानी भर गया हैं। यहाँ तक की अब मुलभुत सुविधाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।

ग्रामीणों का आरोप हैं कि उनकी जमीने डूब में आने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला। इसी बात को लेकर ग्रामीण आज जिला कलेक्टर से मिलने खंडवा आये थे।

मंगलवार जनसुनवाई होने से कलेक्टर खंडवा ने उन्हें जनसुनवाई जाने को कहा। जनसुनवाई में ग्रामीणों की मुलाकात एसडीएम से हुई जिस से संतुष्ट नहीं थे। बस इसी बात से नाराज होकर गुस्साए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के पास एक व्यक्ति को कुत्ते को घूमते देखा। बस उसी कुत्ते को ग्रामीणों ने अपना ज्ञापन सौंप दिया।

कुत्ते के मालिक भी उस समय सकते में आ गए जब ग्रामीणों ने उसे रोक कर उसके पालतू कुत्ते को ज्ञापन देने की बात कही। पहले तो वे सकपका गया मामला जाने के बाद में उसने भी ग्रामीणों की बात मानी और अपने कुत्ते को ज्ञापन लेने दिया।