imagesखंडवा [TNN] खंडवा नगर निगम में महापौर का पद अनारक्षित होने के साथ ही कांग्रेस और भाजपा में कई नेता चुनाव लड़ने केलिए दावेदारी करने लगे है । दूसरी और आम आदमी पार्टी ने फ़िलहाल चुनाव लड़ने के बारे में निर्णय नहीं लिया है ।

भाजपा के दावेदार :-


1 राजेश डोंगरे :-
राजेश डोंगरे भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष और एन एच डी सी में डारेक्टर रहे है पार्टी में जमीनी कार्यकर्तो से लेकर वरिष्ठ नेताओ तक उन का संपर्क बन हुआ है । लोकसभा चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान संसद नंदकुमार सिंह चौहान के चुनव संचालक भी रहे । पेशे से वकील राजेश डोंगरे राजनीतिक बिछत बिछाने में माहिर है । लेकिन खंडवा शहर के मतदाताओं में उनकी सीधा संपर्क काम है ।

2 सुभाष कोठारी :- फ़िलहाल भाजपा के जिला अध्यक्ष है । और लोकसभा विधानसभा चुनाव में पार्टी के सभी उम्मीदवारों को जिताने का सारा श्रेय इन्ही के खाते में गया है । प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान संसद नंदकुमार सिंह चौहान के करीबी माने जाते है कार्यकर्तो पर पकड़ है लेकिन जनता से सीधा संपर्क नहीं ।


3 हरीश कोटवाले :-
आरएसएस कुनबे से निकले भाजपा के जमीनी नेता है । स्थानीय भाजपा नेताओं से ज्यादा आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क है । स्थानीय भाजपा कार्यकर्तो में संतुलन है लेकिन जनता से सीधा संपर्क नहीं ।


4 पुरषोतम शर्मा :-
पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष । पार्टी संगठन में काम करने का अनुभव लेकिन स्थानीय नेताओं और कार्यकर्तो से तालमेल का आभाव ।

कांग्रेस के दावेदार :-
1 अजय ओझा :- कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष और कार्यकर्तों में मजबूत पकड़ शहर में ब्राह्मण मतदाताओं की अधिकता होने के कारण टिकट के दावेदार । लेकिन स्थनीय नेताओं से संतुलन का आभाव । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के विरोधी रहे पर अब कंधे से कंधा मिला कर खड़े है ।

अरुण सेठी :- कांग्रेस के पुराने नेता वरिष्ठ नेताओं से संपर्क लेकिन जमीनी कार्यकर्तों से कोई संपर्क नहीं । व्यपारी होने के नाते व्यपारी वर्ग में पहचाने जाते है आम जान में सम्पर्क नहीं । अरुण यादव से बेहतर तालमेल ।

3 सुनील सकरगाय :- पूर्व सांसद कालीचरण सकरगाय के पुत्र है ,बहुसंख्यक ब्राहमण मतदाताओं के नेता है और प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के बेहद करीबी माने जाते है । मिलनसार व्यक्तित्व लेकिन कार्यकर्तों में पकड़ का आभाव । इनकी पत्नी सुनीता सकरगाय विगत महापौर का चुनाव लड़ी लेकिन हारी है ।

4 जतिन पटेल :- पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष व्यपारी वर्ग से आते है । कार्यकर्तों में पकड़ का आभाव और जनता से सीधा सम्पर्क भी नहीं लेकिन अरुण यादव की निकता के चलते टिकट के दावेदार ।

 

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