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किसानों को एक साल में 115 करोड़ एसएमएस भेजे

Kisaan SMS Portal

नई दिल्ली : गत एक वर्ष में एसएमएस पोर्टल के माध्यम से देश के 70 लाख किसानों को 115 करोड़ से अधिक एसएमएस परामर्श भेजे गए हैं। एसएमएस पोर्टल की परिकल्पना, डिजाइन और उसका निर्माण कृषि मंत्रालय के कृषि एवं सहकारिता विभाग ने किया था। इसका शुभारंभ 16 जुलाई 2013 को किया गया था।

सरकारी क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर यह संभवतः सबसे बड़ी पहल है। इस सेवा को अब तक 2660 विशेषज्ञ और अधिकारी किसानों को उनके प्राथमिकता वाले कृषि कार्य व स्थान के संबंध में स्थानीय भाषा में एसएमएस के माध्यम से सूचनाएं, सेवाएं एवं परामर्श देने का काम कर चुके हैं। अब तक 78 हजार से अधिक किसानों को परामर्श दिया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि यह एसएमएस पोर्टल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जारी की जाने वाली ई-ताल पोर्टल रैंकिंग में नंबर 1 पर है। यह देश में इस पोर्टल से होने वाले कारोबार की महत्ता को दर्शाता है।

अपने पसंदीदा विषय पर किसान इस सेवा का लाभ काल सेंटर के टॉल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर डायल कर पंजीकरण कर उठा सकते हैं। इस सेवा का लाभ समान्य सेवा केंद्रों और स्थानीय कृषि कार्यालयों से भी उठाया जा सकता है।

एसएमएस पोर्टल का ब्यौरा-

यह सेवा कृषि एवं सहकारिता विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पशुपालन विभाग, डेयरी एवं मत्स्य पालन और भारतीय मौसम विभाग के सभी सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों, राज्य सरकारों एवं उनके ब्लॉक स्तर से नीचे के संगठनों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि के लिए मौसम की भविष्यवाणी करने वाली इकाइयों को उपलब्ध है।

परामर्श संबंधी एसएमएस फोनेटिक में टाइप कर 12 अलग-अलग भाषाओं में भेजे जाते हैं।

यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में 40 करोड़ मोबाइल कनेक्सन हैं, तथापि इंटरनेट की पहुंच अभी भी काफी कम लोगों के पास है। इसलिए मोबाइल कनेक्सन ही ऐसे लोगों तक पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम है। लगभग 8.93 करोड़ किसान परिवारों के पास मोबाइल हैं।

पोर्टल में सुदूर क्षेत्रों से किसानों द्वारा एसएमएस के माध्यम से पूछे जाने वाले सवाल जवाबों की डाटा इंट्री का संचालन बखूबी किया जा रहा है। इस एसएमएस पोर्टल में कई विशेष फीचर्स हैं। इसमें ब्लॉक से निचले स्तर के किसानों की गतिविधियों का डॉटा, विशेष कृषि उत्पाद के चयन के संबंध में पर्यवेक्षकों द्वारा दिए गए परामर्श में सुधार, ग्राफिक्स, ई-मेल, पूर्व में दिए गए परामर्श इत्यादि की जानकारी दी गई है।

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