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जल सत्याग्रह पर बैठे लोगों से मिले कुमार विश्वास

Kumar Vishwas met Jal-Satyagrah activists at Ghogal Gaon in Kandwa

Kumar Vishwas met Jal-Satyagrah activists at Ghogal Gaon in Kandwa

खंडवा– मध्यप्रदेश में चल रहा जल सत्याग्रह अब देशव्यापी आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक कहे जाने वाले कुमार विश्वास ने सत्याग्रहियों से मिलकर इस आंदोलन को देश भर में चलाने का शंखनाद कर दिया है। जल सत्याग्रह पर बैठे लोगों से मिलने के बाद कुमार विश्वास ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेने के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को जमकर लताड़ा । दरअसल धरना स्थल पर पहुंचने से पहले बड़वाह , सनावद में भाजपा कार्यकर्ताओ विश्वास का गाडी रोक कर काले झंडे दिखाकर विरोध किया था ।  

आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक कुमार विश्वास मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के घोघलगांव में जल सत्याग्रह कर रहे ग्रामीणों से मिलने पहुंचे थे। कुमार विश्वास ने आंदोलन कर रहे लोगों से हालचाल जाना और सरकार पर हमला बोला उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की भाजपा सरकारें असंवेदनशील है। जिन्हें किसान और ग्रामीणों का दर्द नजर नहीं आता।  

मध्यप्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे कुमार विश्वास ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फोन पर कहा कि मध्यप्रदेश में आपका स्वागत है और जब वह इंदौर से धरना स्थल पर पहुंचने के लिए निकले भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी रोककर ,काले झंडे दिखाकर विरोध किया । विश्वास ने कहा कि जिस प्रदेश में बाघ को सुरक्षा दी जाने के दावे किए जाते है उस प्रदेश में अतिथियों का स्वागत भाजपा कार्यकर्ता गुंडागर्दी से कर रहे है।

शिवराज दिल्ली आए उनको हम बतायेंगे कि किस प्रकार से अतिथियों का स्वागत होता है। उन्होंने कहा की भाजपा के लोग कह रहे है हम नाटक कर रहे है उनमे अगर हिम्मत है तो आकर बैठे पानी में पता चल जाएगा की हक़ की लड़ाई कैसे लड़ी जाती है

जंतर-मंतर पर हुई किसान की आत्महत्या के मामले में उन्होंने कहा कि किसान की मौत पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे है लेकिन देश में इसी माह लगभग 8 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके है। उनको लेकर सरकार चुप है। विश्वास यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मोदीजी विदेशों से टेक्नालाजी लाई जा सकती है लेकिन बीज खेतों से ही पैदा होता है और बीज पैदा करने वाले किसान परेशान होकर आत्महत्या कर रहे है।

गौरतलब है कि ओंकारेश्वर बांध में 191 मीटर वाटर लेबल कर दिया गया है। विस्थापित मांग कर रहे है कि इनका पुनर्वास और विस्थापन जब तक नहीं हो जाता वे जल सत्याग्रह से नहीं हटेंगे। जल सत्याग्रह नर्मदा बचाओ आंदोलन और आम आदमी पार्टी के संयुक्त तत्वाधान में 15 दिनों से जारी है।

रिपोर्ट – शेख़ शकील

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