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इस महिला आईपीएस पर बनी फिल्म ALIF आज रिलीज

डिंडोरी- असल जिंदगी में अपराधियों में खौफ पैदा करने वाली आईपीएस सिमाला प्रसाद सिल्वर स्क्रीन पर समाज के ठेकेदारों से लड़ती नजर आएंगी। डिंडोरी एसपी सिमाला प्रसाद की अभिनीत फिल्म अलिफ आज शुक्रवार को देशभर में रिलीज हो रही है। फिल्म में प्रसाद मुख्य रोल में हैं।

जिहां 3 फरवरी को उनकी फ़िल्म ALIF रिलीज़ होने जा रही है जिसके निर्देशक जेकम् इमाम है। अपनी फ़िल्म के बार में कुछ खास बाते मीडिया से शेयर की सिमाला प्रसाद ने।

सवाल 01- आपकी पहली फ़िल्म रिलीज़ होने वाली है 3 फरवरी को अलिफ़् । क्या है इस फ़िल्म का मोटो और कैसे आप इस फ़िल्म में आई।
जवाब- ये फ़िल्म मदरसे एजुकेशन वर्सेज मोडल एजुकेशन थीम को लेकर बनाई गई है कि कितना जरुरी है किसी तपके के इंसान को एक मॉडर्न एजुकेशन को हाशिल करना। अगर ज़िन्दगी में आगे बढ़ना है कुछ बनना है कुछ चाहते है या समाज को देना चाहते है तो उसके लिए एक सामान्य इस्तर पर जो एजुकेशन उपलब्ध है उसको हासिल करना बहुत जरुरी है उसी कॉन्सेप्ट को लेकर फ़िल्म बनाई गई है।

सवाल 02- आपको इस फ़िल्म में कैसे काम मिला।
जवाब- जैगम इमाम एक राईटर है और मेरी माँ भी राईटर है उसी के चलते मुलाकात हुई। फिर जैगम इमाम जी ने कहा की इसी तरह का कॉन्सेप्ट मेने बनाया है और ऐसी फ़िल्म बनाने जा रहा हु अगर आप काम करेंगी तो अच्छा रहेगा। मुझे भी स्क्रिप्ट अच्छी लगी और पॉवर फूल कॉन्सेप्ट है मुझे लगा की में ये फ़िल्म में काम करुँगी तो अच्छा रहेगा और लोगो तक अच्छा सन्देश जायेगा।

सवाल 03- फ़िल्म में मदरसा दिखाया गया है आप इस फ़िल्म में किस रोल में है ।
जवाब- मेरा जो रोल है इस फ़िल्म में वो एक बहुत ही लो मिडिल क्लास मुस्लिम परिवार की कहानी है। किस प्रकार से कई चीजो से जूझ रही है वो फॅमिली गरीब है ,ज्यादा लोगो से इंट्रेक्सन नहीं है ।दुनिया से कटी हुई है ,मदरसे के आगे की दुनिया देखी नहीं है ,जो मॉडल स्कूल होता है वहा तक उनके परिवार गया नहीं है और परिवार में लोग चाहते है की उनका बेटा डॉकटर बने।

सवाल 04- आपकी क्या अपेक्षा है फिल्म से।
जवाब _ इस फ़िल्म की पूरी शूटिंग बनारस में हुई है मेरे रोल के लिए 5 दिन की रिक्वायर मेंट रही, पुरे 5 दिन के लिए में बनारस में रही। लोगो से अपेक्षा यही है कि जो मैसेज फ़िल्म देना चाहती है वो लोगो तक पहुँचे, जितना प्रचार प्रसार उस मैसेज का होगा लोगो की ज़िन्दगी बदले यही चाहेंगे। ज्यादा से ज्यादा लोग फ़िल्म को देखे सबक ले और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।

उनका किरदार एक निम्न मध्यवर्गीय मुस्लिम युवती सम्मी का है, जो आधुनिक शिक्षा का विरोध कर रहे कट्टरपंथियों के खिलाफ खड़ी होती है। संघर्ष करती है और जीत दर्ज करती है। अलिफ फिल्म की अधिकतर शूटिंग बनारस में हुई है। फिल्म प्रीमियर में भाग लेने एसपी प्रसाद गुरुवार को डिंडौरी से मुंबई के लिए निकल गईं।

असल जिंदगी में भी कुछ ऐसी ही
डिंडौरी में बालिकाओं व महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सिमाला प्रसाद शक्ति मोबाइल, निडर टूरी, ब्लूगैंग के साथ अन्य टीमें भी गठित कर अन्याय के खिलाफ महिलाओं व बालिकाओं को एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए भी प्रेरित करने के अभियान में भी जुटी हुई हैं। सिमाला 2010 बैच की आईपीएस हैं।उनके पिता डॉ. भागीरथप्रसाद पूर्व आईएएस और वर्तमान में भिंड से बीजेपी के सांसद हैं। मां मेहरून्निसा परवेज साहित्यकार हैं।

कहानी सुनकर जागी उत्सुकता
एसपी ने बताया कि महरून्न्शिा प्रसिद्ध राइटर हैं। मां के घर में ही फिल्म के राइटर व फिल्म डायरेक्टर जैगम इमाम से मुलाकात हुई और उन्होंने मुझसे पहली बार मिलकर ही फिल्म में महत्वपूर्ण किरदार का ऑफर दे दिया। उन्होंने बताया कि यह फिल्म समाज के लिए प्रेरणादायक भी है। इसकी कहानी सुनकर मेरे अंदर इस फिल्म में कार्य करने के लिए उत्सुकता भी जागी। उद्देश्य मेरा यही है कि इस फिल्म से लोग प्रेरणा लें।

फिल्म की कुछ ऐसी है कहानी
निम्न मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार का एक बेटा मदरसा में पढ़ता है। वह डॉक्टर बनना चाहता है, लेकिन समाने कट्टरपंथी है, जो इसका विरोध करते हैं। यहीं से शुरू होता है परिवार पर जुल्म। एसपी सिमाला प्रसाद सम्मी की किरदार में बच्चे की चचेरी बहन हैं। सम्मी कट्टरपंथी ताकतों से लड़ती है और अपने भाई को हक दिलाती है।

उम्मीद है फिल्म अलग जगाएगी
सिमाला प्रसाद पुलिस अधीक्षक डिंडौरी के मुताबिक आधुनिक शिक्षा के महत्व के साथ उस मुस्लिम परिवार के संघर्ष की कहानी इस पूरी फिल्म में है। उम्मीद है कि यह फिल्म पिछड़े क्षेत्रों में जहां चुनौतियां अधिक है मुस्लिम समाज में अलख जगाने का काम करेगी।
रिपोर्ट- @दीपक नामदेव




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