जहानाबाद – बिहार में जहानाबाद जिले के शंकर बिगहा नरसंहार के सभी 24 आरोपियों को न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) के अरवल और जहानाबाद जिला बंद के आह्वान का मिलाजुला असर देखा जा रहा है। बंद का आवागमन पर प्रतिकूल असर देखा गया।

 Crime_Scene

भाकपा (माले) के एक दिवसीय बंद के दौरान शुक्रवार को सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 83, 98 और 110 के विभिन्न स्थानों पर जाम लगा दिया, जिससे सैकड़ों वाहन जहां-तहां खड़े हो गए।

बंद समर्थकों ने जहानाबााद रेलवे स्टेशन के पास रेलवे पटरी पर टायर जलाए तथा कई यात्री रेलगाड़ियों को रोक दिया। बाजार में भी बंद समर्थक जुलूस की शक्ल में उतरे और दुकानों को बंद करवाया।

भाकपा (माले) के जहानाबाद जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा ने बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि न्यायालय का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ भाकपा (माले) उच्च न्यायालय जाएगी।

उल्लेखनीय है कि करीब 15 वर्ष पूर्व 25 जनवरी, 1999 की रात हथियारबंद लोगों ने शंकर बिगहा गांव में धावा बोलकर 22 लोगों की हत्या कर दी थी। इस मामले में जहानाबाद व्यवहार न्यायालय ने मंगलवार को साक्ष्य के अभाव में सभी 24 आरोपियों को बरी कर दिया था। – एजेंसी

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