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स्वतंत्रता दिवस : लाल किले से PM नरेंद्र मोदी का पूरा भाषण, बड़ी घोषणाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पांचवीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराया। 72वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने 82 मिनट का भाषण दिया। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से तीन घोषणाएं कीं। पहली- 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने से पहले भारत अंतरिक्ष में मानव मिशन के साथ गगनयान भेजेगा और वह ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। दूसरी- सशस्त्र बलों में महिलाओं को पुरुषों के समान स्थायी कमीशन दिया जाएगा। तीसरी- 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपए तक का मुफ्त हेल्थ कवर देने के लिए 25 सितंबर से आयुष्मान भारत योजना शुरू होगी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मोदी भगवा रंग के साफे में आए। 40 मिनट तक उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। जीएसटी से लेकर रसोई गैस, गांवों में बिजली, शौचालय और बेनामी संपत्ति जैसे मुद्दों पर कांग्रेस का नाम लिए बिना तंज कसा। मोदी ने कहा- 2013 तक योजनाओं की जो रफ्तार थी, वह 2014 के बाद भी कायम रहती तो कई योजनाओं को पूरा करने में दशकों लग जाते।

लाल किले से मोदी के तीन ऐलान
1) 2022 से पहले गगनयान मानव मिशन : प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज लाल किले की प्राचीर से मैं देशवासियों को एक खुशखबरी सुनाना चाहता हूं। हमारा देश अंतरिक्ष की दुनिया में प्रगति करता रहा है। हमने सपना देखा है कि 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर या उससे पहले भारत की कोई संतान, चाहे बेटा हो या बेटी, वह अंतरिक्ष में जाएगा। हाथ में तिरंगा लेकर जाएगा। आजादी के 75 साल पूरे होने से पहले इस सपने को पूरा करना है। भारत के वैज्ञानिकों ने मंगलयान से लेकर अब तक ताकत का परिचय कराया है। जब हम मानव सहित गगनयान लेकर जाएंगे और यह गगनयान जब अंतरिक्ष में जाएगा और कोई हिंदुस्तानी इसे लेकर जाएगा, तब अंतरिक्ष में मानव को पहुंचाने वाले हम विश्व के चौथे देश बन जाएंगे।’’
34 साल पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे : राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री रहे हैं। वे 2 अप्रैल 1984 को अंतरिक्ष में गए थे, लेकिन उनकी यह यात्रा सोवियत रॉकेट सोयूज टी-11 के जरिए हुई थी। दुनिया में अब तक रूस, अमेरिका और चीन ने अपने अंतरिक्ष यानों के बूते स्पेस में मानव मिशन भेजे हैं। रूस ने 1961, अमेरिका ने 1968 और चीन ने 2003 में मानव मिशन भेजा था।

2) आयुष्मान भारत योजना 25 सितंबर से : नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘”आयुष्मान भारत योजना में पहले 10 करोड़ गरीब परिवारों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद उच्च मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को भी लाभ मिलेगा। पांच लाख रुपए सालाना इलाज के खर्च की सुविधा हम देने वाले हैं। किसी भी व्यक्ति काे यह सुविधा पाने में दिक्कत ना हो, इसलिए टेक्नोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण है। टेस्टिंग शुरू हो रही है। योजना को फुलप्रूफ बनाने की कोशिश हो रही है। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू कर दिया जाएगा।’’
50 करोड़ लोगों को कवर होंगे : इस योजना के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों के जरिए कुल 50 करोड़ लोगों को कवर करने का लक्ष्य है। योजना में गरीब, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कमजोर परिवार शामिल हो सकेंगे। परिवार के सदस्यों की संख्या और उनकी उम्र पर कोई रोक नहीं है। उन्हें आर्थिक आधार पर चुना जाएगा। सरकारी और चुने हुए निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना पूरी तरह से कैशलेस होगी।

3) सेना में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ‘‘मैं आज इस मंच से मेरी कुछ बहादुर बेटियों को खुशखबरी देना चाहता हूं। भारत की सशस्त्र सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरुष समकक्ष अधिकारियों की तरह पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा स्थायी कमीशन देने की घोषणा करता हूं।’’

अभी सिर्फ चुनिंदा विभागों में परमानेंट कमीशन : वर्तमान में सेना में महिलाएं सिर्फ जज एडवोकेट जनरल और आर्मी एजुकेशन कोर में ही परमानेंट कमीशन की हकदार हैं। अधिकतर महिलाएं सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए आती हैं और उनके पास अधिकतम 14 साल का कार्यकाल होता है।

2013 की रफ्तार से दशकों लग जाते : मोदी ने अपने भाषण में कहा, ‘‘2013 में हमारा देश जिस रफ्तार से चल रहा था, हम उसे आधार मानें और पिछले चार साल के काम का लेखा-जोखा लें तो आपको अचरज होगा कि देश की रफ्तार कैसे आगे बढ़ रही है। 2013 की रफ्तार से चलते तो शौचालय बनाने में दशकों लग जाते। 2013 के आधार पर गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए एक-दो दशक और लग जाते। 2013 की रफ्तार से एलपीजी गैस कनेक्शन और गरीब मां को धुआं मुक्त चूल्हा देने में सौ साल भी कम पड़ जाते। गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने में पीढ़ियां निकल जातीं।’’

तीन तलाक और कश्मीर : मोदी ने कहा, ‘‘मुस्लिम महिलाओं से मैं अाज लाल किले से कहना चाहता हूं कि तीन तलाक से उन्हें मुक्ति दिलानी है। इस संसद सत्र में भी हमने तीन तलाक बिल का मुद्दा उठाया है। अभी भी कुछ लोग हैं जो इसे पारित नहीं होने देना चाहते। मैं मुस्लिम महिलाओं को भरोसा दिलाता हूं कि आपको न्याय दिलाने के लिए मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। कश्मीर में हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं, कश्मीर के लोगों को गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं। वाजपेयीजी ने कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत का जिक्र किया था। हम इसी पर आगे बढ़ रहे हैं। खुशी है कि कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर के लोगों को पंचायत चुनने और स्थानीय नगर निकाय चुनने का हक मिलेगा। ’’

बलात्कारियों को फांसी हो: प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘महिलाओं के खिलाफ कभी-कभी राक्षसी शक्तियां उभरकर सामने आती है। बलात्कार पीड़ादायी है। पीड़ित से ज्यादा पीड़ा हम करोड़ाें देशवासियों को होनी चाहिए। हमें इस समस्या को मुक्त करना होगा। मध्य प्रदेश के कटनी में बलात्कारी के खिलाफ केस चला और पांच दिन में फांसी की सजा सुनाई गई। राजस्थान में भी ऐसा ही हुआ। फांसी की खबरें जितनी ज्यादा प्रचारित होंगी, बलात्कारियों के मन में भय पैदा होगा। राक्षसी प्रवृत्ति वालों के मन में भय पैदा होना चाहिए। फूल जैसे नादान बच्चों की परवरिश ऐसी हो कि उनके मन में महिलाओं का सम्मान करने का भाव पैदा हो।’’

मोदी ने मुहावरों, कविताओं का भी इस्तेमाल किया
1) मोदी ने कहा, ‘‘गुजरात में एक कहावत है। निशान चूक माफ, लेकिन नहीं माफ नीचा निशान। …लक्ष्य, सपने बड़े होने चाहिए। लक्ष्य बड़े नहीं होंगे तो फैसले भी नहीं होते और यात्रा अटक जाती है।’’
2) ‘‘आज भारत मल्टी ट्रिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट का डेस्टिनेशन बन गया है। सोया हुआ हाथी अब जग चुका है, चल पड़ा है। सोए हुए हाथी ने अपनी दौड़ शुरू कर दी है।’’
3) ‘‘हम मक्खन पर लकीर खींचने वालों में नहीं हैं, हम पत्थर की लकीर खींचने वालों में से है। मक्खन पर लकीर तो कोई भी खींच सकता है।’’
4) ‘‘आज देश के ईमानदार करदाताओं से कुछ कहना चाहता हूं, उनके दिल को छूना चाहता हूं। आपके टैक्स देने की ईमानदार प्रक्रिया का यह परिणाम है कि जब आप खाना खाते हैं तो उसी वक्त आपके टैक्स से तीन गरीब परिवारों का पेट भरता है। इससे बड़ा पुण्य या संतोष क्या हो सकता है?’’
5) ‘‘ये देश ना रुकेगा, न झुकेगा। अपने मन में एक लक्ष्य लिए, मंजिल अपनी प्रत्यक्ष लिए, हम तोड़ रहे हैं जंजीरें, हम बदल रहे हैं तस्वीरें। यह नवयुग है, यह नवभारत है। खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, हम बदल रहे हैं तस्वीर। हम निकल पड़े हैं प्रण करके, अपना तन-मन अर्पण करके। जिद है- एक सूर्य उगाना है, अंबर से ऊंचा जाना है। एक भारत नया बनाना है।’’ – एजेंसी

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