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जानिए हस्तमैथुन के फायदे

अपनी कामुकता पर काबू पाने का एक कॉमन तरीका है। हस्तमैथुन एक ऐसा टॉपिक है जिस पर खुलकर बातें नहीं होती हैं। यह वर्जित टॉपिक है, जिस पर लोग बात करने में शर्म महसूस करते हैं। इसके ठीक उलट आंकड़े बताते हैं 95 पर्सेंट पुरुष और 89 पर्सेंट महिलाएं डेली बेसिस पर हस्तमैथुन करती हैं। हस्तमैथुन से सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। यदि आप बहुत ज्यादा करते हैं या नशे की तरह लत पड़ गई है, तब आपको किसी सेक्सॉलजिस्ट से मिलने की जरूरत है।

हस्तमैथुन एक सेक्सुअल एक्सप्रेशन
दुनिया भर की कई हेल्थ रिपोर्ट की स्डटी करें तो पता चलता है कि हस्तमैथुन सेक्सुअली टेंशन को कम करने का सबसे अच्छा और हेल्दी तरीका है। हेल्थ प्रफेशनल्स के मुताबिक अपने प्राइवेट पार्ट को टच करना बेहद नैचरल है। ऐसे में हस्तमैथुन को सेक्सुअल एक्सप्रेशन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

आनंद में कोई कमी नहीं
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का ऑर्गेजम (चरम आनंद) ज्यादा कॉम्पलेक्स होता है। पुरुषों को सामान्यतः स्पर्म निकलते वक्त आनंद आता है। अधूरी उत्तेजना और गलत सेक्स टेक्नीक महिलाओं के ऑर्गेजम को कम करता है। वक्त से पहले स्पर्म का गिरना और फोरप्ले में कमी महिलाओं के आनंद को कम करता है।

कितना हस्तमैथुन बहुत ज्यादा
इसका कोई कट पॉइंट्स नहीं है। यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है, लेकिन औसत देखा जाए तो हफ्ते में तीन बार ठीक है।

हस्तमैथुन नैचरल है
हस्तमैथुन पूरी तरह से नैचरल प्रक्रिया है। इससे प्रजनन क्षमता पर किसी भी तरह का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। सेक्सुअली कमजोरी और कामुकता में कमी की बात भी पूरी तरह से अफवाह है। यहां तक कि जानवरों में बिल्ली, कुत्ते और बंदर भी हस्तमैथुन करते हैं।

हस्तमैथुन से टेंशन खत्म
हस्तमैथुन के दौरान धड़कन बढ़ जाती है। ब्लड का फ्लो भी बढ़ता है और मसल में सख्ती आती है। इन सारी शारीरिक प्रक्रियाओं के कारण तनाव से मुक्ति मिलती है। जैसे कि आप सेक्स के बाद राहत और तनाव से मुक्त महसूस करते हैं।

हस्तमैथुन पूरी तरह से सेफ
अपनी कामुकता को काबू में रखने के लिए मैस्टरबेशन पूरी तरह से सेफ प्रक्रिया है।

सेक्सुअली डिसफंक्शन पर काबू
यदि पुरुष या महिला सेक्सुअली डिसफंक्शन से पीड़ित हैं तो हस्तमैथुन से कई चीजें समझ सकते हैं। यदि पुरुषों में सेक्स के दौरान वक्त से पहल स्पर्म गिरने की समस्या है तो हस्तमैथुन को लर्निंट टूल की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसमें सीख सकते हैं कि खुद पर कंट्रोल कैसे किया जाता है।

हस्तमैथुन से रात में अच्छी नींद
जब आप सेक्सुअल क्लाइमेक्स पर होते हैं और फील गुड जोन में पहुंच जाते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि हॉर्मोन्स निकल चुके हैं। जब ऑक्सिटॉक्सिन और एंडोर्फिन हॉर्मोन्स रिलीज हो जाते हैं, तब आप फील गुड जोन में होते हैं। हस्तमैथुन के दौरान इन हॉर्मोन्स के निकल जाने के बाद आप बेफिक्र होकर बिना किसी बेचैनी के सोते हैं। अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। बहुत ही थकाऊ दिन के बाद रात में अच्छी नींद के लिए हस्तमैथुन एक शानदार प्रक्रिया है।

पॉजिटिव मेंटल लेवल के लिए हस्तमैथुन
जब आप हस्तमैथुन के दौरान क्लाइमेक्स पर होते हैं, तब एंडोर्फिन हॉर्मोन्स रिलीज होता है। इस हॉर्मोन्स के रिलीज के बाद आपकी बेचैनी खत्म होती है और आपको मानसिक शांति मिलती है।

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