Home > State > Delhi > राष्ट्रपति Pranab Mukherjee फेसबुक पर मिलेंगे LIVE !

राष्ट्रपति Pranab Mukherjee फेसबुक पर मिलेंगे LIVE !

pranab-mukherjeeनई दिल्ली- राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर कल लोगों के सवालों का LIVE जवाब देंगे। राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति के तौर पर चार साल पूरा करने की पूर्व संध्या पर मुखर्जी फेसबुक लाइव पर लोगों के सवालों के जवाब देंगे।

यह भी पढ़ें-
पति ने किया Facebook पर पत्नी का सौदा !

मरने के बाद कातिल का फोटो Facebook पर अपलोड किया !

पति ने पत्नी की Nude Pic Facebook पर डाली !

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजामणि भी हिस्सा लेंगे। राष्ट्रपति भवन के फेसबुक पेज पर लोग अपने सवाल भेज सकते हैं। प्रश्नोत्तर का यह कार्यक्रम शाम साढ़े सात बजे से रात साढ़े आठ बजे तक चलेगा, जिसका विषय होगा, ‘पीछे छोड़ते मील के पत्थर : राष्ट्रपति के पद पर प्रणव मुखर्जी के चार साल।‘’

Facebook प्रोफाइल आप का नंबर तो तुरंत हटा लें !

Facebook पर स्टेटस देखकर घर में घुसे 50 लड़के

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजामणि भी हिस्सा लेंगे। राष्ट्रपति भवन के फेसबुक पेज पर लोग अपने सवाल भेज सकते हैं।

राजनीतिक कैरियर
उनका संसदीय कैरियर करीब पाँच दशक पुराना है, जो 1969 में कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य के रूप में (उच्च सदन) से शुरू हुआ था। वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में फिर से चुने गये। 1973 में वे औद्योगिक विकास विभाग के केंद्रीय उप मन्त्री के रूप में मन्त्रिमण्डल में शामिल हुए।

वे सन 1982 से 1984 तक कई कैबिनेट पदों के लिए चुने जाते रहे और और सन् 1984 में भारत के वित्त मंत्री बने। सन 1984 में, यूरोमनी पत्रिका के एक सर्वेक्षण में उनका विश्व के सबसे अच्छे वित्त मंत्री के रूप में मूल्यांकन किया गया।[3] उनका कार्यकाल भारत के अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ऋण की 1.1 अरब अमरीकी डॉलर की आखिरी किस्त नहीं अदा कर पाने के लिए उल्लेखनीय रहा। वित्त मंत्री के रूप में प्रणव के कार्यकाल के दौरान डॉ॰ मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे। वे इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव के बाद राजीव गांधी की समर्थक मण्डली के षड्यन्त्र के शिकार हुए जिसने इन्हें मन्त्रिमणडल में शामिल नहीं होने दिया। कुछ समय के लिए उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया। उस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक दल राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस का गठन किया, लेकिन सन 1989 में राजीव गान्धी के साथ समझौता होने के बाद उन्होंने अपने दल का कांग्रेस पार्टी में विलय कर दिया।[4] उनका राजनीतिक कैरियर उस समय पुनर्जीवित हो उठा, जब पी.वी. नरसिंह राव ने पहले उन्हें योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में और बाद में एक केन्द्रीय कैबिनेट मन्त्री के तौर पर नियुक्त करने का फैसला किया। उन्होंने राव के मंत्रिमंडल में 1995 से 1996 तक पहली बार विदेश मन्त्री के रूप में कार्य किया। 1997 में उन्हें उत्कृष्ट सांसद चुना गया।

सन 1985 के बाद से वह कांग्रेस की पश्चिम बंगाल राज्य इकाई के भी अध्यक्ष हैं। सन 2004 में, जब कांग्रेस ने गठबन्धन सरकार के अगुआ के रूप में सरकार बनायी, तो कांग्रेस के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह सिर्फ एक राज्यसभा सांसद थे। इसलिए जंगीपुर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले प्रणव मुखर्जी को लोकसभा में सदन का नेता बनाया गया। उन्हें रक्षा, वित्त, विदेश विषयक मन्त्रालय, राजस्व, नौवहन, परिवहन, संचार, आर्थिक मामले, वाणिज्य और उद्योग, समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मन्त्रालयों के मन्त्री होने का गौरव भी हासिल है। वह कांग्रेस संसदीय दल और कांग्रेस विधायक दल के नेता रह चुके हैं, जिसमें देश के सभी कांग्रेस सांसद और विधायक शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त वे लोकसभा में सदन के नेता, बंगाल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष, कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मंत्रिपरिषद में केन्द्रीय वित्त मन्त्री भी रहे। लोकसभा चुनावों से पहले जब प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने अपनी बाई-पास सर्जरी कराई, प्रणव दा विदेश मन्त्रालय में केन्द्रीय मंत्री होने के बावजूद राजनैतिक मामलों की कैबिनेट समिति के अध्यक्ष और वित्त मन्त्रालय में केन्द्रीय मन्त्री का अतिरिक्त प्रभार लेकर मन्त्रिमण्डल के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।



राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी फेसबुक पर मिलेंगे LIVE !
LIVE: Indian President Pranab Mukherjee on Facebook

Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com