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गड़बड़ी : निजी भूमि पर बना दिया 40 लाख का स्टाप डेम

Made a stop dams on private landअनुपपुर – भालूमाडा के पसान नगर पालिका के हठ धर्मिता व लापरवाही का अनोखा मामला प्रकाश में आया है,पसान गांव के वार्ड क्रं 8 में भालूमाडा और पसान नगर पालिका को जोडने वाली रोड से लगी निजी जमीन पर दबंगई से 40 लाख की लागत का स्टाप डेम निर्माण नगर पालिका ने करा दिया, और शासन के चालिस लाख रूपये पानी में बहा दिये गये,इस मामले का खुलासा तब हुआ जब भूमिस्वामी मनोज मिश्रा ने अनूपपुर तहसील में खसरा नम्बर 945,946,947,949,986,987,1021, के सीमांकन के लिये 12 फरवरी 2015 को आवेदन दिया उक्त भूमि का सीमांकन फुनगा सर्किल के आर. आई.ने अपने राजस्व अमले के साथ पसान नगर पालिका के नागरिकों के और नगर पालिका के कर्मचारियों की उपस्थिती में सीमांकन किया तब इस बात का खुलासा हुआ की उक्त स्टाप डेम जो की लगभग 40 लाख की लागत से नगरपालिका प्रशासन ने विभागीय रूप से बनवाया था भू. स्वामी के खसरा नम्बर 1021 पर पर बना हुआ है ज्ञात हो की स्टाप डेम निर्माण के समय ही भू स्वामी मनोज मिश्रा ने नगर पालिका पसान को इस बात की आपत्ती प्रस्तुत की थी की उक्त स्टाप डेम का निर्माण मेरी जमीन पर किया जा रहा है पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और सी.एम.ओ. अजय श्रीवास्तव ने मनमाने तरीके से उक्त स्टाप डैम का निर्माण कर शासन के चालिस लाख रूपये की होली खेली ।

प्राकृतिक श्रृोत में नही बनाया गया स्टाप डैम –
पसान के निवासियों के अनुसार उक्त स्टाप डेम किसी प्राकृतिक जल श्रोत में नही बनाया गया है बल्की साउथ ईस्टन कोल फिल्ड के जमुना कोतमा क्षेत्र के भूमी गत खदानों के अंदर का प्रदूषित जल जिसमें बारूद व अनेक जहरीले रासायनिक तत्व मिले रहते है जिन्हे एस.ई.सी.एल. पम्प के माध्यम से जमीन पर बाहर फेंकता है उसी प्रदूषित जल को रोकने के लिये निजी भूमी पर डेम का निर्माण करा दिया,उक्त पानी में नहाने और अन्य उपयोग करने से मनुष्य क्या जानवरा भी बीमार पड रहे है और उक्त भूमी की उर्वरक क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड रहा है, इसी आशंका से भू स्वामी मनोज मिश्रा ने उक्त डेम बनाने का विरोध किया था।

खदान बंद होते ही सुखा रह जायेगा डैम –
आम तौर पर प्राकृतिक जल श्रोतों में ही स्टाप डेम जैसा स्थाइ्र निर्माण कराया जाता है जिससे स्थानीय निवासियों को पानी की समस्या से निजात मिल सके,पर नगर पालिका की हठधर्मिता ने उक्त स्टाप डैम का निमार्ण आईस्थाइ जल श्रोत में बना दिया एस.ई.सी.एल. की खदान बंद होते ही उक्त स्टाप डेम बूंद बूंद पानी के लिये तरस जायेगा,

नही लिया भू स्वामी से अनुमति –
सवाल यह उठता है की नगर पालिका प्रशासन ने इतना बडा निर्माण कार्य जिसमें चालिस लाख से अधिक लागत लगनी थी उसके पहले शासकीय भूमि का सीमांकन क्यों नही कराया और अगर उक्त निर्माण कार्य यहीं कराना जनहित में जरूरी भी था तो भू स्वामी से इसकी स्वीकृति निर्माण कार्य कराने से पूर्व क्यों नही ली गई ,और अगर भू स्वामी को उक्त निर्माण से आपत्ती थी तो नगर पालिका प्रशासन ने चालिस लाख रूप्ये का स्थाई निर्माण निजी भूमि पर बनवा कर बलात कब्जा क्यों किया ।

नहीं है पर्यावरण विभाग की एन ओ सी ?
उक्त स्टाप डेम में भारी मात्रा में बारूद और जहरीले रासायनिक पर्दाथ युक्त जल एकत्र होने से आस पास के भूमि पर भारी मात्रा में जल प्रदूषण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है जिससे कई एकड भूमि पर उर्वरक क्षमता पर बुरा प्रभाव पडा है फिर भी नगर पालिका प्रशासन ने उक्त निर्माण कार्य करने से पहले पर्यावरण विभाग से कोई भी अनापत्ति प्रमाण पत्र ना लेना नगरीय प्रशासन की हठ धर्मिता और मनमानी को दर्शाता है,भू स्वामी मनोज मिश्रा के अनुसार नगर पालिका मेरी जमीन पर बलात कब्जा करने के उद्येश्य से ही यह निर्माण कराया है।

शासकिय राशि का हुआ दुरूपयोग –
उक्त स्टाप डेम के संबध में पसान नगर पालिका निवासी मानवेन्द्र मिश्रा ने सूचना के अधिकार के कानून के तहत जो जानकारी निकाली है उससे कई अश्चार्य जनक तथ्य उजागर हुये है,उन तथ्यों के आधार पर लगभग चालिस लाख रूपये से अधिक की राशि उक्त निर्माण में खर्च किये गये है और निर्माण की गुणवत्ता को देखते हुये भी जांच का विषय होना चाहिये की उक्त निर्माण में भ्रष्टाचार की जडें कितनी गहरी है ।

बीच सीमांकन से भागा नगरपालिका प्रशासन –
राजस्व निरिक्षक रामनरेश शुक्ला ने बताया की उक्त डेम का निर्माण जो नगर पालिका पसान ने कराया था पसान निवासी मनोज मिश्रा वगैरा के पट्टे में खसरा क्र. 1021,946, और 947 में हुआ है और पसान को भालूमाडा से जोडने वाली सडक पर जो पुलिया का निर्माण है वह भी 1021 नम्बर खसरा पर है जो निजी भूमि है उक्त सीमांकन को देखते हुये मौके पर उपस्थित नगर पालिका पसान के सी.एम.ओ. अजय श्रीवास्तव और कर्मचारी योगेन्द्र तिवारी सीमांकन को बीच में ही छोड कर भाग खडे हुये

नही हुआ 938 खसरे का सीमांकन –
राजस्व निरिक्षक रामनरेश शुक्ला ने बताया की 21जून को ही नगर पालिका प्रशासन के आवेदन पर शासकीय भूमि खसरा नम्बर 938 का सीमांकन होना था जिसकी सूचना नगर पालिका प्रशासन और संबधित भूमि स्वामियों को दी गई थी परंतु आवेदक नगरपालिका प्रशासन के बीच में भागने से उक्त शासकीय भूमि का सीमांकन नही हुआ ,

नगर पालिका को दी सुचना –
पसान डेम का निर्माण निजी भूमि खसरा क्र. 1021 ,946,947,पर किया गया है और भालूमाडा को जोडने वाली सडक में निर्माण की गई पुलिया का निर्माण भी निजी भूमि 1021 में किया गया है इस बात की सूचना नगर पालिका प्रशासन पसान को लिखित रूप में राजस्व निरिक्षक मंडल फुनगा ने दे दिया है।

तेज न्यूज के सवाल –
इस पूरे मामले में तेज न्यूज जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ,नगर पालिका प्रशासन और जिले के आला अधिकारियों के सामने कुछ सवाल रखता है जिसके जवाब जरूरी है ,तेज न्यूज का पहला सवाल यह रखता है कि उक्त स्टाप डैम का निर्माण कार्य जरूरी था तो भू स्वामी से इसकी इजाजत क्यों नही ली गई ? दुसरा सवाल उक्त स्टाप डैम का निर्माण अईस्थाई जल श्रोत पर क्यों कराया गया? तीसरा सवाल भूमिगत खदान से पानी की निकासी बंद होने पर नगर पालिका प्रशासन उक्त डेम में पानी कि व्यवस्था कहां से करेगा ? चौथा सवाल यह है की नगर पालिका प्रशासन उक्त निर्माण कार्य को निजी भूमि पर भू स्वामी के आपत्ति के बाद भी क्यों कराया ? पांचवां सवाल यह है कि आखिर नगर पालिका प्रशासन ने निर्माण कार्य से पहले सरकारी जमीन का सीमांकन क्यों नही कराया ?

इनका कहना है –
उक्त भूमी का सीमांकन मैने किया है जिसमें पटवारी पसान संबधित भू स्वामी के अलावा पासान नगरपालिका पसान के सी.एम.ओ. अजय श्रीवास्तव ,कर्मचारी योगेन्द्र तिवारी उपस्थित थे बीच सीमांकन से नगर पालिका के सी.एम.ओ. और योगेन्द्र तिवारी भाग गये विवादित डैम पसान निवासी मनोज मिश्रा के निजी भूमी, खसरा क्र. 1021,946,947, पर निर्माण हुआ है जिसका पंचनामा सीमांकन स्थल पर ही बनाया गया है नगर पालिका के तरफ से किसी का भी हस्ताक्षर उक्त पंचनामें में नही है एक दो दिन में प्रतिवेदन तहसीलदार साहब के यहां पेश कर दिया जायेगा
रामनरेश शुक्ला राजस्व निरिक्षक फुनगा मंडल

इनका कहना है –
डैम की लागत के बारे में फाईल देख कर ही बता पाउंगा सीमांकन की रिर्पोट हमें नही मिली है सीमांकन दिनांक को हमे लग रहा था की शाम तक भी हमारी भूमी खसरा क्र. 938 की नाप नही हो पायेगी इसलिये हम वहां से चले गये थे आने वाले दस सालों तक वहां पानी का प्रवाह बंद नही होगा राजस्व अधिकारियों ने हमें उसे सरकारी भसूमी ही बताया था इसलिये हमने निर्माण कराया था रिर्पोट मिलने पर आंगे की कार्यवाही करेंगे
अजय श्रीवास्तव सी.एम.ओ. नगर पालिका पसान

इनका कहना है –
नगर पालिका प्रशासन ने हमारी आपत्ती के बावजूद भी अध्यक्ष रामअवध सिंह और सी.एम.ओ. अजय श्रीवास्तव ने हमारी निजी भूमी पर बलात कब्जा कर जनता के पैसों की होली खेली हमारीह यह मांग है की उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय टीम बना कर की जाये और आरोपियों पर उचित कार्यवही की जाये और हमारी जमीन को पूर्व स्थिती में हमें वापस की जाये और उक्त पैसे की दोषियों से वसूली की जाये
मनोज मिश्रा भूमि स्वामी पसान

स्पेशल रिपोर्ट : – विजय उरमलिया  

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