MP politics crisis: भाजपा ने राजभवन में कराई विधायकों की परेड, राज्यपाल से मिले दिग्विजय सिंह

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भी जा सकती है सुप्रीम कोर्ट, बागी विधायकों को लेकर पार्टी दायर कर सकती है याचिकाशिवराज सिंह चौहान बोले- राज्यपाल ने कहा है कि वे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगेशिवराज- कांग्रेस के पास केवल 92 विधायक बचे, बहुमत अब भाजपा के पास है। कांग्रेस केवल टाइम काट रही है, अल्पमत की सरकार कैसे निर्णय ले सकती है, कैसे तबादले कर सकती है

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद घिरी कमलनाथ सरकार के लिए ये फिलहाल राहत की खबर है। इसके पहले, प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ से कहा था कि वे 16 मार्च यानी सोमवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें। लेकिन राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। कोरोना वायरस के कारण विधानसभा की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भी जा सकती है सुप्रीम कोर्ट, बागी विधायकों को लेकर पार्टी दायर कर सकती है याचिका

शिवराज सिंह चौहान बोले- राज्यपाल ने कहा है कि वे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगे

शिवराज- कांग्रेस के पास केवल 92 विधायक बचे, बहुमत अब भाजपा के पास है। कांग्रेस केवल टाइम काट रही है, अल्पमत की सरकार कैसे निर्णय ले सकती है, कैसे तबादले कर सकती है

शिवराज सिंह चौहान- कमलनाथ सरकार ने राज्यपाल के आदेश का पालन नहीं किया, उनके पास बहुमत नहीं इसलिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर रणछोड़दास बने 1:27 PM, 16 MAR

मध्यप्रदेश के नेता-प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा, ‘हमने आज राज्यपाल को 106 विधायकों का हलफनामा सौंपा है। सभी भाजपा विधायक उनके सामने मौजूद थे।’

भाजपा ने राजभवन में अपने सभी विधायकों की राज्यपाल लालजी टंडन के सामने परेड कराई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल से बहुमत परीक्षण कराने की मांग की । उन्होंने कहा, सरकार बहुमत खो चुकी है और उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जिसपर राज्यपाल ने कहा कि आप निश्चिंत रहें।

राज्यपाल लालजी टंडन के साथ मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मेरे राज्यपाल के साथ अच्छे संबंध हैं। यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी और हमने राजनीति को लेकर कोई बात नहीं की।’

विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ शिवराज सिंह चौहान ने उच्चतम न्यायालय ने याचिका दाखिल की है। जिसपर अदालत 12 घंटों के भीतर विश्वास सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। याचिका में शिवराज ने विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव को पार्टी बनाया है। वहीं भाजपा विधायकों के साथ शिवराज भी राजभवन पहुंच गए हैं।