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सागर- मध्य प्रदेश के सागर में जिला न्यायालय के एक भृत्य ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । मृतक सूरज यादव ने सुसाईड नोट में एक जज दम्पति पर घर में काम कराने के दौरान प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

भृत्य ने फांसी लगाने के पहले व्हाट्सऐप पर कुछ वकीलों और मित्रो से प्रताड़ना और सुसाईड करने की बात भी लिखी। मृतक के परिजनों ने दोषियों पर मामला दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने के सामने शव रखकर चक्का जाम भी किया। पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही करने के आश्वाशन के बाद जाम ख़त्म हुआ।

मोतीनगर थाना क्षेत्र के शास्त्री वार्ड निवासी सूरज यादव ने अपने घर में फ़ासी लगाकर आत्म ह्त्या कर ली।मृतक ने दो पेज के सुसाईड नोट में सागर में पदस्थ जज दम्पति बी पी मरकाम और रेखा मरकाम का नाम लिखकर आरोप लगाया है, की जज घर में बेगारी का काम कराते थे।

सुसाइड नोट में लिखा है कि अगर हम लोग इसी तरह चुप रहे तो यूं ही मरते रहेंगे। क्योंकि इन लाेगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। शिकायत करो तो नौकरी से बाहर, ट्रांसफर करने की धमकी दी जाती है। सुसाइड नोट में भृत्य यादव ने ये भी लिखा है कि अगर दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मेरी आत्मा यूं ही भटकती रहेगी।

नोट के आखिरी में सूरज ने पुलिस वालों के लिए भी चार लाइनों में लिखा है कि अगर किसी पुलिस वाले ने मेरा ये सुसाइड नोट छिपाने की कोशिश की तो मैं उसको भूत बनकर सताऊंगा। सुसाइड नोट में सूरज ने लिखा है कि दिन के समय वह सिविल कोर्ट में भृत्य की नौकरी करता था। जबकि सुबह व शाम के समय उससे जज दंपती के बंगले पर बेगारी करना पड़ती थी।

सूरज इससे परेशान था। इसके चलते उसने आत्म हत्या जैसा कदम उठाया। भाई दीपक यादव ने बताया की जज सूरज से घर में बर्तन साफ़ कराना, कपड़े धुलवाने का काम तक कराते थे। सूरज स्वाभिमानी था। उसे यह पसंद नहीं था। जज उसे उलटी सीधी गाली भी देते थे। उसको पूजा तक के लिए छुट्टी नहीं मिलती थी। मेडम रेखा मरकाम ज्यादा परेशान करती थी। वह अपना खाना तक घर से ले जाता था।

पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाते वक्त लोगो ने मोतीनगर थाने के सामने शव रखकर चक्काजाम किया। आरोपियों पर मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस की समझाईश पर मामला ख़त्म हुआ। सीएसपी गौतम सोलंकी ट्रांसलेट-मामला मोतीनगर थाना क्षेत्र का है।

डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के चपरासी सूरज यादव ने कुछ कारणों के आधार पर आत्महत्या करली है। मामले की जांच की जा रही है। सुसाईड नोट में कोर्ट के कुछ व्यक्तियों के नाम अंकित किये है। इनको जांच में समाहित किया है। क्या है पूरा मामला। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

रिपोर्ट:- विनोद आर्य

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