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महाराष्ट्र: 2001 के बाद सर्वाधिक 3228 किसान आत्महत्या

Suicide, impoverished, peasantमुंबई- महाराष्ट्र में पिछले साल 3228 किसानों ने आत्महत्या की है जो कि 2001 के बाद सर्वाधिक है ! कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी ! हालाँकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट किया कि उनकी सरकार किसानों को सूखे से की स्थिति निपटने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है !

सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने जो सूचना दी है उसके अनुसार 3,228 किसानों ने आत्महत्यायें की हैं और यह संख्या वर्ष 2001 के बाद सर्वाधिक है।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर आत्महत्याएं की खबर औरंगाबाद में 1,130 किसानों के द्वारा, अमरावती में 1,179 किसानों द्वारा, नासिक में 4,591 किसानों द्वारा, नागपुर में 362 किसानों द्वारा, पुणे में 96 किसानों द्वारा और कोंकण में दो किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर मिली है।

सिंह ने कहा कि केन्द्र ने चालू वर्ष में सूखे से निपटने के लिए 3,049.36 करोड़ रुपए के धन की मंजूरी दी है। किसानों की आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं को लागू करने के अलावा सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अल्प एवं दीर्घावधिक उपायों पर काम कर रही है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल सबसे ज्यादा अमरावती में 1179 किसानों ने आत्महत्या की ! इसी तरह औरंगाबाद में 1130, नासिक में 459, नागपुर में 362, पुणे में 96 और कोंकण क्षेत्र में दो किसानों ने ख़ुदकुशी की !

भारतीय किसान सरकार के मुताबिक़ पिछले साल आत्महत्या करने वाले 3228 किसानों में से 1841 के आश्रित मुआवजा पाने के हक़दार हैं जबकि 903 मामलों में ऐसा नहीं है. 484 मामलों की जांच लंबित है ! आत्महत्या करने वाले 1818 किसानों में से प्रत्येक के आश्रित को एक लाख रुपए की मुआवजा राशि दी जा चुकी है !

खराब मॉनसून के कारण महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति है ! केंद्र सरकार ने सूखे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 3049.36 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं !

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