उद्धव ठाकरे जाएंगे अयोध्‍या, राहुल गांधी को भी दिया न्‍योता

मुंबई : महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे सत्ता में आने के 100 दिन पूरे होने के मौके पर 7 मार्च को अयोध्‍या जाएंगे और रामलला के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेंगे। शिवसेना प्रवक्‍ता संजय राउत ने बताया कि मार्च में उद्धव सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं और 7 मार्च को उद्धव के अयोध्‍या जाने का कार्यक्रम तय हुआ है। इससे पहले राउत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अयोध्‍या चलने का न्‍योता दिया था। यह पूछे जाने पर क‍ि बीजेपी राहुल गांधी को अयोध्‍या ले जाने को कह रही है, इस पर राउत ने कहा, ‘क्या बीजेपी नेता जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को अपने साथ अयोध्या दौरे पर ले जाएंगे?’

कभी हिंदुत्‍व के मुद्दे पर आगे बढ़ने वाले शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे का यह अयोध्‍या दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब उनके चचेरे भाई राज ठाकरे ‘भगवा’ रंग में रंगते जा रहे हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने गुरूवार को अपनी पार्टी का नया भगवा झंडा जारी करके और पाकिस्तानी, बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर करने के लिए राजग सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर संकेत दिया कि वह अपने चाचा बाल ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा की ओर बढ़ना चाहते हैं।

पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रचार करने वाले एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून तथा एनआरसी का भी बचाव किया है। उन्होंने ऐलान किया कि मनसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की मांग करते हुए नौ फरवरी को विरोध मार्च निकालेगी। इससे पहले उन्होंने अपनी पार्टी का नया झंडा जारी किया जो पूरी तरह भगवा है और उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज की ‘राजमुद्रा’ का चित्र है।

राज ठाकरे ने पार्टी के पूर्ण अधिवेशन के समापन सत्र में कहा, ‘मैं मराठी हूं और हिंदू भी। मैंने अपना धर्म नहीं बदला है। अगर मेरे अंदर के मराठी को छेड़ने की कोशिश होगी तो मैं मराठी के रूप में उस आदमी के पीछे पड़ जाऊंगा और यदि कोई मेरे अंदर के हिंदू को छेड़ता है तो उसके पीछे हिंदू की तरह पड़ जाऊंगा।’ अपने ‘मराठी मानुस’ के रुख से हिंदुत्व की ओर वैचारिक बदलाव की अटकलों को तवज्जो नहीं देते हुए ठाकरे ने कहा कि मनसे की स्थापना के समय से उनके मन में झंडे की यह डिजाइन थी।

बता दें कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया था कि वह अयोध्या जाएंगे लेकिन अभी तक वह जा नहीं सके हैं। शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से महाराष्ट्र में सरकार बनाई है। उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर, 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस प्रकार उनकी सरकार के 100 दिन मार्च में पूरे होने वाले हैं। 9 नवंबर, 2019 को अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया था कि वह 24 नवंबर, 2019 को अयोध्या जाएंगे। हालांकि, राज्य में तेजी से बदले राजनीतिक हालात के चलते वह अयोध्या नहीं जा सके।

इस बारे में शिवसेना सांसद संजय राउत ने बताया, ‘सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अयोध्या जाएंगे और भगवान राम का आशीर्वाद लेंगे। हम चाहते हैं कि हमारे गठबंधन सहयोगी भी इस दौरान साथ आएं। राहुल गांधी भी कई मंदिरों में जाते रहते हैं।’ लंबे समय के बाद राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा था, ‘आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। सबने इस फैसले को स्वीकार किया है। मैं 24 नवंबर 2019 को अयोध्या जाऊंगा। मैं दो ही बार अयोध्या गया हूं लेकिन बार-बार जाऊंगा। वह जगह ऐसी है कि वहां जरूर कोई शक्ति है।’

इससे पहले शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे 16 जून 2019 को अपनी पार्टी के सभी सांसदों के साथ अयोध्या पहुंचे थे। उस समय उद्धव ठाकरे के इस दौरे को बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति और विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा गया था। तब शिवसेना बीजेपी की सहयोगी पार्टी थी लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग हो चुके हैं। इस बीच उद्धव ठाकरे के अयोध्‍या जाने के ऐलान से कांग्रेस और एनसीपी में खलबली मची हुई है। दोनों दलों को डर सता रहा है कि इससे मुस्लिम उनसे नाराज हो सकते हैं।