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किसान कर्ज नहीं चुका पाते तो निकाल लेते थे किडनी

kidneys  नई दिल्ली- महाराष्ट्र पुलिस ने गरीबों, किसानों की किडनी निकालकर बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। सूखा और दैवीय आपदाओं की मार से तबाह किसान, मजदूर इस इस रैकेट का शिकार हो रहे थे। नागपुर टुडे के अनुसार, राज्य के अकोला जिले की पुलिस ने इस अमानवीय और जघन्न अपराध में लिप्त एक साहूकार समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो कर्ज न चुकाने वाले किसानों को किडनी निकलवाने के लिए मजबूर कर रहे थे।

इस किडनी रैकेट में गिरफ्तार हुए लोगों में से एक का नाम आनंद जाधव है जबकि दूसरा उसका दलाल देवेंद्र शिरसत है। रिपोर्ट के अनुसार, जाधव पहले किसानों ऊंची दर की ब्याज पर 20 हजार रुपए से 30 हजार रुपए का कर्ज देता था और फिर तब तय समय में किसान इस कर्ज को नहीं चुका पाते तो उनकी किडनी ले लेता था।

महाराष्ट्र में काफी दिनों से चल रहे इस किडनी रैकेट का तब भंडाफोड़ हुआ जब 35 वर्षीय मजदूर संतोष ग्वाली को टूरिस्ट वीजा के आधार पर श्रीलंका होकर वापस आया। पुलिस ने ग्वाली को शक के आधार पर हिरासत में लिया और विदेश यानी श्रीलंका जाने का कारण पूछा तो एक बड़े किडनी रैकेट का पर्दाफाश हो गया।

पूछताछ में ग्वाली ने श्रीलंका जाने जो कारण बताया उसे सुनकर पुलिस दंग रह गई। ग्वाली ने बताया कि साहूकार जाधव से कुछ महीने पहले ने उसने 20 हजार रुपए कर्ज में लिए थे। इन रुपयों का भुगतान एक साल में हर महीने दो हजार के हिसाब से एक साल में कर्ज अदा करने के लिए कहा था।

उसने बताया वह धीरे-धीरे कर्ज अदा कर रहा था लेकिन पिछले तीन महीनों से वह किस्त नहीं दे पाया जो जाधव ने उसे जान से मारने की धमकी दी। रोज साहूकार के आदमी मारने की धमकी देते थे और कि पैसे नहीं है तो किडनी बेच दो तुम्हें और पैसे मिल जाएंगे। गौरतलब है कि ग्वाली को श्रीलंका ले जाने से पहले उसका सिरडी के अस्पताल में मेडिकल टेस्ट भी कराया ‌गया था जिससे आशंका है कि इस रैकेट में कुछ अस्पताल भी संलिप्त हो सकते हैं।

ग्वाली ने बताया कि ‌उसकी किडनी निकालने के बदले उसे चार लाख रुपए और दिए गए। लेकिन किडनी निकालने के बाद उसे न कोई दवा दी गई और न ही दवा कराने के लिए पैसे।

रैकेट में गिरफ्तार हुए आरोपी से पूछताछ में पुलिस को कुछ संकेत मिले हैं जिनकी विदर्भ के किसानों की आत्महत्या से जुड़ती हैं। ऐसे में ये माना जा रहा है अगर विदर्भ के कुछ किसान इस किडनी रैकेट के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हुए हैं तो यह रैकेट काफी पुराना है। और इस रैकेट की जडें काफी गहरी हैं। गौरतलब है कि विदर्भ में सिर्फ 2015 के साल में 2400 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

बताया जा रहा है कि किडनी निकालने वाला गैंग लोगों को श्रीलंका लेजाकर उनकी किडनी निकलवाता था और उनकी किडनी को यूरोप और अमेरिकी देशों के अस्पतालों में 10 से 15 लाख रुपए में बेचता था। अभी पुलिस इस कांड की तफ्तीश में लगी हुई है।-एजेंसी

 

 

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