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सीएम शिवराज का ‘खास’ कर रहा किसानों को प्रताड़ित

mandla blastमंडला- प्रदेश के मंडला जिले में इन दिनों सीएम शिवराज को अपना करीबी बताते हुए एक बिल्डर गुंडागर्दी कर किसानों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। जब किसानों ने इसका विरोध किया तो उल्टा आरोपी ने उन्हें ही झूठे केस में फंसा दिया जिसके बाद अब पुलिस से लेकर प्रशासन के हाथों भी किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।

दरअसल जबलपुर रायपुर नेशनल हाईवे की टू लेन सड़क निर्माण का ठेका दिलीप बिल्डकान कंपनी को दिया गया है। आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने पहले तो किसानों की जमीन को पाने के लिए उन्हें रोजगार और मुआवजे का प्रलोभन देकर एग्रीमेंट पर दस्तखत करवा लिए लेकिन सात महीने गुजर जाने के बाद भी इन्हें रोजगार देना तो दूर मुआवजे के नाम पर एक रुपया तक नहीं दिया गया है। ओतना ही नहीं कंपनी सरे आम कानून को धता बताते हुए ब्लास्टिंग भी कर रही है।

जबलपुर रायपुर नेशनल हाईवे की टू लेन सड़क निर्माण का ठेका लेने वाली दिलीप बिल्डकान कंपनी ने मंडला जिले की बिछिया तहसील के ग्राम बरखेड़ा में अपना प्लांट लगाया है। आधुनिक मशीनों से सुसज्जित यह प्लांट करीब 40 एकड़ में लगाया गया है। यह ज़मीन कंपनी ने स्थानीय ग्रामीणों से एक अनुबंध के तहत ली है, कंपनी ने इसके बदले मुआवजा और नौकरी का वादा किया था जो पूरा नहीं किया।

स्थानीय कृषक गोविन्द मरावी का कहना है कि जब ग्रामीण कंपनी से अपना वादा पूरा करने को कहते है तो कंपनी के नुमाइंदे न सिर्फ उनसे बदतमीज़ी करते है बल्कि झूठे मामले में फ़साने की धमकी देते है। एक – दो ग्रामीणों के खिलाफ तो कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा कर हवालात की हवा भी खिलवा चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो बिल्डर उन्हें ‘डंपर चढ़ा देंगे,गोली मार देंगे,हम सीएम के आदमी हैं,हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’, जैसी धमकी देता है। इसकी शिकायत करने पर भी उल्टा पुलिस उन्हें ही प्रताड़ित करती है।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि वीरू प्रधान इस पूरे मामले पर शासन – प्रशासन की मिली भगत का आरोप लगा रहे है। उनका कहना है कंपनी भोले भाले आदिवासियों के अनपढ़ होने का फायदा उठा रही है। किसानों ने जब कंपनी की ज्यादतियों का विरोध किया तो बिल्डर ने उन्हें न सिर्फ जान से मारने की धमकी दे दी बल्कि कानूनी दांवपेंच में फंसाते हुए उन पर ही झूठे मामले दर्ज करवा दिए। प्रशासन के आला अधिकारियों के सामने ग्रामीणों को धमकाया जाता है। कृषि ज़मीन पर ब्लास्टिंग कर उसे बंजर बनाया जा रहा है लेकिन कंपनी की ऊँची पहुँच के चलते पुलिस – प्रशासन उल्टा ग्रामीणों को धमका रहे है।

कृषक कैलाश का कहना है कि कंपनी ब्लास्टिंग कर उनकी ज़मीन खोखली तो कर ही रही है साथ ब्लास्टिंग के वक़्त बहार खेल रहे बच्चे और मवेशियों की जान का खतरा भी बन रहता है।
किसानों की कृषि भूमि पर कंपनी ने अपना विशाल प्लांट भी बना लिया है और दिनरात ब्लास्टिंग कर कृषि भूमि को खोखला कर दिया गया है। भारी ब्लास्टिंग से पूरा गांव कांप उठता है और दूर-दूर तक बड़े-बड़े पत्थर भी छिटकते हैं जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। वहीँ प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुये है और पुलिस कंपनी की तरफदारी करते हुये किसानों को ही दोषी ठहरा रही है। बिछिया पुलिस ग्रामीणों की शिकायत को अनदेखी करते हुये कंपनी के इशारों पर किसानों को डराने धमकाने का काम कर रही है।

बिछिया थाने के सब इंस्पेक्टर सुंदरेश मरावी पुलिस भी मान रही है कि ब्लास्टिंग को लेकर उसने कंपनी तो दो नोटिस तामील किये है लेकिन कंपनी ने ब्लास्टिंग की अनुमति से सम्बंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये है। बावजूद इसके पुलिस कंपनी की तरफदारी करते हुए हुए ग्रामीणों को ही दोषी मान रही है।

रिपोर्ट- @सैय्यद जावेद अली

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