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सूखी नर्मदा पर सिकती राजनैतिक रोटियां !

मण्डला:– मण्डला जिले में बीजेपी की पोल खोलेगी कांग्रेस। आगामी 18 मई को बिछिया में 19 मई को 11 बजे नैनपुर में 19 मई को  मण्डला में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव मोहन प्रकाश जी मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरूण यादव जी एवं आधा दर्जन विधायकों का आगमन हो रहा है बुधनी से प्रारम्भी हुई पोल खोल चैपाल में करेंगे बीजेपी की करनी और कथनी उजागर ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 15 मई को म.प्र. के अनूपपुर जिले के अमरकंटक में नर्मदा सेवा यात्रा के समापन में सामिल होने का कार्यक्रम संपन्न हुआ । म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया जाना आश्चर्य बात नहीं ।

यह विशाल समापन समारोह 5 महिने के लंबे नर्मदा सेवा यात्रा के अंत का प्रतीक हुआ । इस आयोजन से मुख्यमंत्री एक तीर से दो निशाना लगाने का प्रयास किये हैं । एक लोकप्रियता में वृद्धि और अगले साल आने वाले विधानसभा चुनाव एवं वर्तमान में हो रहे नगरपालिका चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाये इसके लिये प्रधानमंत्री को प्रभावित किया जा सके । कांग्रेस का कहना है कि राज्य द्वारा वित्त प्रेषित प्रचार के माध्यम से इस आयोजन में कुछ अनुत्तरित प्रश्न रह जाते हैं:-

1. एन.जी.टी. के निर्देशः भोपाल में राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पहले ही आदेश दिया है कि अमरकंटक में बड़े पैमाने पर होने वाले घटना के लिए देढ़ लाख से ज्यादा लोगों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए । हलाकि कई स्थानीय विधायकों को निवार्चन क्षेत्र के आसपास के लोगों को लाने के लिए बड़े लक्ष्य दिये गये थे । जानकारी के अनुसार कुल लक्ष्य 5 लाख लोगों का था । यहां तक कि अगर उनमें से आधे भी आते तो अमरकंटक पहाड़ीयों की नाजूक परिस्थितियों को क्षतिग्रस्त होने से कोई नहीं बचा सकता । याद रखना चाहिए की अमरकंटक को यूनेस्कों द्वारा एक जीवन मण्डला घोषित किया गया है ।

इतने बड़े पैमाने में कार्यक्रम की योजना बनाने से पहले सरकार को अधिक जिम्मेदार होना चाहिए था । हलाकि पिछले दसकों के अनुभव से नर्मदा नदी की परिस्थितियों के संबंध में सरकार से उम्मीद नहीं की जा सकती । 4 साल पहले मुख्यमंत्री ने एक शापिंगमाल निर्माण और रोप वे की घोषणा की जिसमें अमरकंटक के प्रमुख स्थलों को जोड़ना था अगर वहां वास्तव में होने की अनुमति दी जाती तो यह इस पवित्र स्थान के ईलाकों और शांति के साथ पूरी तरह असगंत होगा । जिसके चारों तरफ समृद्ध सैल वन है ।

2. सिकुड़ती हुई नदी:- 500 मी. चोड़ी नरम घाटी में 2 जंगलों की पहाड़ियों के बीच नर्मदा बहती है अधिकांश जल प्रवाह क्षेत्र को सड़कों ईमारतो, आश्रम, मंदिरों, पार्किंग स्थलों के साथ कवर किया गया है । पिछल कई वर्षों से नियमित रूप से प्रयास किये जा रहे हैं ताकि जितना संभव हो उतनी नदी के फैलाव क्षेत्र में कब्जा हो सके । 2004 में निर्माण रोकने के प्रयास किये गये लेकिन अतिक्रमण को हटाने के सभी प्रशासनिक प्रयासों तत्कालीन मुख्यमंत्री उमाभारती के आदेश से विफल कर दिया गया ।
3. लोग नर्मदा को अमरकंटक से अरब सागर तक विधि-विधान से पूजा करते हैं यह केन्द्रीय म.प्र. की जीवन रेखा है और 96 विधानसभा क्षेत्रों के माध्यम से होते हुए बहती है । इसलिए ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ने 2018 के विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखकर नर्मदा सेवा यात्रा की आड़ में राजनिति को साथ धर्म को मिलाकर भा.ज.पा. के उत्साह को एकजुट किया है ।

नर्मदा के तटिय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के अलावा इस तरह से सभी रंगों एवं विभिन्न वेश-भूषाओं के संतों और मसहूर हस्तियों को आमंत्रित करने से नदी का संरक्षण नहीं हो सकता । इस आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए पैसा राज्य के खजाने से जुटाया गया । इन पैसों का दुरूपयोग कर मुख्यमंत्री और उनके परिवार के साथ उनकी छबि को सवारने के लिए नर्मदा सेवायात्रा न होकर शिवराज सेवा यात्रा मे तबदील हो गई है ।

नर्मदा सेवा यात्रा के लिए मोदी का आमंत्रित करके शिवराज सिंह चैहान बेबकूफ बना रहे हैं । अमरकंटक और नर्मदा को ब्रेक सहन करने के लिए अधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 11 मई से 18 मई तक 100 अस्थाई शौचालय 150 मोबाईल शौचालय, 1500 मूत्र और 50 टन ठोस कचरे के साथ पानी भर जायेगा । प्रधानमंत्री की इस बड़ी रैली के लिये 3800 बसो की मांग की गई । आर.टी.ओ. जो म.प्र. एवं छ.ग. के कम से कम 5 लाख लोगों को लाने का एलान किया गया ।

आप कल्पना नहीं कर सकते की यह कार्यक्रम अपने समापन के बाद क्षेत्र की कितनी बरबादी पीछे छोड़ गया । यह समापन समारोह उस बात की भी याद दिलाता है कि श्री श्री रविशंकर ने यमुना के किनारे एक साल पहले क्या किया था । एन.जी.टी. ने उन्हें दंडित किया था । लेकिन इस आयोजन पर दण्ड नहीं लगाया जा सकता क्योंकि यह एक सरकारी कार्यक्रम था । इस आशय के साथ कांग्रेस की पोल-खोल चैपाल संपूर्ण म.प्र. में आयोजित की जा रही है।
अपने आला नेताओं के आगमन की पूर्व संध्या पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय सिंह परिहार एवं क्षेत्रिय विधायक संजीव उईके ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विगत दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के निर्वाचन क्षेत्र बुधनी से पोल खोलो अभियान का शुभारंभ हुआ और सिवनी, बालाधाट और 18 मई को मण्डला जिला के बिछिया मुख्यालय में शाम 3.30 बजे 19 मई को प्रातः 11 बजे,नैनपुर व शायं 3.30 बजे मण्डला के चैपाटी में पोल खालो जन संवाद का आयोजन किया गया है।

देश में तीन वर्षो से भाजपा की सरकार सत्तारूढ़ है। चुनावी घोषणा पत्र में अच्छे दिन व सबका साथ सबका विकास विदेश से कालेधन वापिस लाने का वायदा दो करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर प्रतिवर्ष, बेटी बचाओं महगांई में नियंत्रण जैसे वायदे के साथ जन समर्थन मांगा था,और जनादेश मिला परन्तु तीन वर्ष बीत जाने के बाद स्थिति पहले से भी बदत्तर है। सरकार अपन घोषणाओं को पूरा करने में असफल रही है।

क्षेत्रिय विधायक संजीव उईके ने कहा कि प्रदेश में विगत 13 वर्षाो से भाजपा की सरकार है। मुख्यमंत्री ने लगभग साडे़ पांच हजार घोषणा की और बमुश्किल 100 से 120 घोषणा पर ही अमल हो पाया है। पूरे प्रदेश में रेत उतखनन से नदियों की मूल संरचना बिगडती जा रही है। वही अवैध रूप से रेत उत्खनन कर नर्मदा सहित अन्य नदियों का जल प्रवाह समाप्त होने की कगार पर है, जिसका प्रभाव तटीय ग्राम वासियों तथा उस पर निर्भर रहने वालो पर भी गंभीर रूप से हुआ है। प्रदेश में व्यापम घोटले में जहां युवाओं के साथ व्यापक स्तर पर छल किया गया वही विभिन्न तरह के घोटालों से जनता का ध्यान हटाने नर्मदा सेवा यात्रा के नाम पर प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई के 120 करोड़ रू. खर्च कर दिये गये।

इसमें समग्र स्वच्छता एवं अन्य मदों से पैसा उक्त यात्रा पर खर्च किये गये। प्रदेश के अन्य विकास कार्यो की प्रगति पर असर पड़ा है, पूर्व से ही प्रदेश भाजपा की सरकार डे़ढ़ हजार करोड़ से भी अधिक के कर्ज में है। किसानो के समर्थन मूल का बोनस भी भाजपा सरकार द्वारा बंद कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री के अमरकंटक कार्यक्रम के लिए जिस तरह से जनता को लाने ले जाने के लिए विभिन्न विभागों पर बोझ डाला गया वही लोग खाने पीने के भटकते रहे, तथा बस दुर्घटना में दो सचिव सहित अन्य व्यक्तियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है,और सैकडों की संख्या में लोग घायल भी हुए है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि मृतक के परिवार के सदस्यों को मुआवजा के साथ नौकरी दी जावें एवं घायलों का बेहतर उपचार तथा आर्थिक मदद भी प्रदान की जाये।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय सिंह परिहार ने कहा कि निकट भविषय में स्थानीय निकाय के चुनाव होने है। मण्डला जिला की तीन नगर पंचायत एवं दो नगरपालिका में भाजपा की परिषद रही है। इनके द्वारा व्यापक स्तर पर भृष्टाचार कर पैसों की बंदरवाट की गई है। मण्डला में पाईप लाईन की खुदाई में ठेकेदारों से अनुबंध में टूटी सड़क बनाना भी था, परन्तु इनके द्वारा कंही भी सड़क का निमार्ण नही किया गया है, माडल रोड़ गुणवत्ती हीन है। चिलमन चैक से पड़ाव,नाका तक डिवाइडर निमार्ण से इस क्षेत्र के व्यापारियो में व्यापक रोष है, जिससे व्यवस्था बनने की जगह बिगढ़ने लगी है, इन डिवाइडर के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। जनहित में अगर परिषद पुनः निमार्ण करती है तो लाखौ रूपये का नुकसान शासन को होगा।

अनावशयक नाली को तोड़कर पुर्न निर्माण कराकर अपने चहेते ठेकदारों को उपकृत कर राषि का बंदरवाट किया गया है। आगामी निकाय चुनाव में कांग्रेस उक्त मुददो केू आधार पर जनता के बीच जोयगी। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार की पोल खौलने का अभियान चलाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ शंखनाद किया जा रहा है। उन्होंने जिले वासियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर सफल बनाने की अपील की है

। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश स्तर के कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्वास्थ विभाग, आदिवासी विकास कार्यालय, आरईएस सहित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली के विरोध में कलेक्ट्रेट घिराव का एक वृहद प्रदर्श किया जायेगा। इस पत्रकार वार्ता में जिले के सभी संपादक महोदय उपस्थित हुए तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र राजपूत, राजेश कछवाहा, अदीब गौरी, किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक पटैल, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यख चंद्रमोहन सराफ, दिपेश बाजपेयी, राकेश तिवारी, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, रामसिंह ठाकुर, देवसिंह वरकड़े सहित कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
रिपोर्ट @सैयद जावेद अली

 

 

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