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मोदी के 10 गुरुमंत्रो में मीडिया से दूरी बनाने का भी मंत्र

naredra modi नई दिल्ली [ TNN ] मंत्रियों को नसीहत और नौकरशाही पर नकेल कसने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पार्टी सांसदों को पाठशाला में गुरुमंत्र का पाठ पढ़ाते दिखे।मीडिया का इस्तेमाल कर सत्ता में काबिज मोदी ने अपने गुरुमंत्रो में अपने सांसदों को मीडिया से निश्चित दूरी बनाए रखें का भी मंत्र दे दिया जो कई सांसदों के गले नहीं उतरा । मोदी ने पहली बार संसद पहुंचे पार्टी के 195 सांसदों को सार्वजनिक जीवन में न्यूनतम मापदंड तय करने के साथ ही अहंकार से दूर रहने की नसीहत दी है।

हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित कार्यशाला के पहले दिन मोदी ने नए सांसदों से आचार, विचार और व्यवहार के अपने विजन के साथ विकास का मिशन शुरू करने का आह्वान किया और कहा कि नई सरकार सांसदों के भ्रष्टाचार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

राजनीति के वर्तमान तौर तरीकों में बदलाव लाने की मुहिम शुरू करने का संदेश देते हुए मोदी ने सांसदों को काम ज्यादा बातें कम करने का गुरुमंत्र दिया। उन्होंने नए सांसदों को निजी सचिव चुनते समय भाई भतीजावाद के प्रति आगाह किया। इस संदर्भ में उन्होंने पूर्व की घटनाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि सांसदों को उलझाकर विवाद खड़ा करने में सबसे अहम भूमिका निजी सचिवों की होती है। ऐसे में निजी सचिव नियुक्त करने में विशेष एहतियात बरतें।

मोदी ने सांसदों से कहा कि वह संसद में उसी विषय में सवाल पूछें और बहस में हिस्सा लें, जिसमें उनकी विशेषज्ञता हो। साथ ही अपनी निधि का इस्तेमाल करते समय खास एहतियात बरतने को भी कहा।

पहली बार चुनकर आए सांसदों को संसदीय कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें लोकसभा के 170 और राज्यसभा के 25 सांसदों ने हिस्सा लिया।

मोदी ने सांसदों को ज्यादातर वक्त अपने क्षेत्र में बिताने की सलाह देते हुए मीडिया के माध्यम से बात रखने की प्रवृत्ति त्याग देने की नसीहत भी दी।

प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई भी समस्या मीडिया में रखने की जगह सीधे उनके समक्ष रखें। दरअसल भाजपा को डर है कि बड़ी संख्या में चुनकर आए सांसद सवाल पूछने और सांसद निधि के इस्तेमाल में असावधानी बरतकर विवाद के घेरे में आ सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को दो टूक लहजे में अहंकार से दूर रहने और सादा सार्वजनिक जीवन अपनाने की नसीहत देते हुए कहा कि सत्ता हासिल होने के बाद विपक्ष सरकार को घेरने के लिए मौके के इंतजार में है। मोदी ने कहा कि विपक्ष को मौका न दें और मिशन और विजन के साथ काम करें।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नए सांसदों को उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाई तो संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने की सीख दी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नए सांसदों को उनके अधिकारों के बारे में बताया। कार्यशाला का समापन रविवार को वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के भाषण से होगा।

मोदी के दस गुरुमंत्र

1. निजी सचिव रखते समय बरतें सावधानी
2. सवाल पूछने और सांसद निधि के उपयोग में बरतें सतर्कता
3. किसी एक विषय में विशेषज्ञ बनें सांसद
4. सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा करें इस्तेमाल
5. मीडिया से बनाए रखें एक निश्चित दूरी
6. क्षेत्र को दें अधिकतम समय
7. आचार, विचार और व्यवहार को साधते हुए भ्रष्टाचार-अहंकार से दूर रह कर मिशन-विजन के साथ करें काम
8. किसी भी सूरत में न तोड़ें संसदीय मर्यादा
9. विधानसभा चुनाव की करें तैयारी
10. हर हाल में करें विकास

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