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‘बजरंग बली’ और ‘अली’ विवाद में मायावती ने किया सीएम योगी पर हमला

 

 

लोकसभा चुनाव में ‘अली’ और ‘बजरंग बली’ पर विवाद बढ़ता ही जा रही है। अब आजम खान के बाद बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी इस विवाद में कूद पड़ी हैं।

 

हालांकि सीएम योगी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग में दिए अपने बयान में सफाई दी है।

 

दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को रामनवमी पर ट्वीट किया। इस ट्वीट के जरिए मायावती ने बिना नाम लिए सीएम योगी पर निशाना साधा।

 

उन्होंने लिखा कि ‘रामनवमी की देश और प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं, उनके जीवन में सुख और शान्ति की कुदरत से प्रार्थना। ऐसे समय में जब लोग श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कर रहे हैं तब चुनावी स्वार्थ हेतु बजरंग बली व अली का विवाद व टकराव पैदा करने वाली सत्ताधारी ताकतों से सावधान रहना है।

 

वहीं, चुनाव आयोग में दिए जवाब में सीएम योगी ने कहा कि उनकी मंशा गलत नहीं थी। वह भविष्य में इस तरह के बयान देने में एहतियात बरतेंगे।

 

योगी ने जवाब लखनऊ में मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपा। सीएम ने कहा, वह आयोग के बयान को लेकर आपत्ति और दिए नोटिस के आधार पर विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में सावधानी बरतेंगे और ऐसे बयानों से बचेंगे।

 

योगी के जवाब के बाद अब आयोग को तय करना है कि वह योगी पर क्या कार्रवाई करता है।

 

योगी ने मेरठ की एक चुनावी रैली में कहा था कि यदि सपा, बसपा और उनके गठबंधन को अली पर भरोसा है तो उन्हें बजरंग बली पर भरोसा है।

 

वहीं गुरुवार की रात को सपा नेता आजम खान ने भी अली-बजरंग बली विवाद पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अली और बजरंग में झगड़ा मत कराओ, मैं तो एक नाम दे देता हूं।  बजरंग अली मेरा तो दीन कमजोर नहीं हुआ। योगी जी आपने कहा था के हनुमान जी दलित थे, फिर आपके किसी साथी ने कहा कि हनुमान जी ठाकुर थे, फिर पता चला कि नहीं वह ठाकुर नहीं थे।

 

वह जाट थे, फिर किसी ने कहा वह हिंदुस्तान के थे ही नहीं, श्रीलंका के थे, लेकिन बाद में एक मुसलमान ने कहा कि हनुमान जी मुसलमान थे। झगड़ा ही खत्म हो गया। अब हम अली और बजरंगी कहें बजरंग अली तोड़ दे दुश्मन की नली। बजरंग अली ले लो जालिमों की बलि, ले लो बली बजरंग अली।

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