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माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ने जब पढ़ा ग़ालिब का शेर

Satya Nadella, senior vice president of research and development for the online services division for Microsoft Corp., speaks during a Microsoft Search Summit event in San Francisco, California, U.S., on Wednesday, Dec. 15, 2010. Microsoft Corp. updated its Bing search engine today, aiming to build on U.S. market-share gains last month as it chases Google Inc. Photographer: David Paul Morris/Bloomberg via Getty Images

नई दिल्ली : माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला एक दिन के दौरे पर सोमवार को भारत में हैं। इस दौरान नडेला माइक्रोसॉफ्ट के एक कार्यक्रम में बोलने पहुंचे, जहां सत्या ने ग़ालिब का शेर पढ़कर शुरुआत की। उन्होंने कहा, ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पर दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमां मगर, फिर भी कम निकले।’

सत्या नडेला द्वारा गालिब का शेर अर्ज करते ही आयोजनस्थल तालियों की गड़बड़ाहट से गूंज उठा।

साथ ही नडेला ने कार्यक्रम में कहा कि एप्स की दुनिया में बड़े बदलाव आ रहे हैं। ये एप्स मानव की क्षमता को और आगे ले जा रही हैं। हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जिसमें लोग कहीं से भी, किसी भी वक्त, किसी भी जगह पर डिजिटली से खुद को कनेक्ट कर सकते हैं।

नडेला ने आगे कहा कि हम भविष्य के लिए गेमचेंजर ऐप बनाने जा रहे हैं। जब आप दुनिया को देखने का नजरिया बदलते हैं तो दुनिया भी बदलने लगती है। इसलिए मैं चाहता हूं कि भारत के लिए ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए जहां से भारतीयों के आइडिया का इस्तेमाल उनके विकास के लिए किया जा सके।

गौरतलब है कि ये नडेला की पिछले सात महीनों में भारत की तीसरी यात्रा है। सीआईआई ने सोमवार को एक घंटे के इंटरेक्टिव सेशन का आयोजन किया जिसमें युवा एंट्रोप्रेन्योर, डेवलपर्स, छात्रों और शिक्षाविदों ने शिरकत की। साथ ही नडेला ने कॉर्पोरेट इंडिया के टॉप एक्जिक्यूटिव्स से भी मुलाकात की।

कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा की गई कि प्रौद्योगिकी ने कैसे विश्व की वास्तविक समस्याओं के समाधान और भारत के बदलाव के लिए नई संस्कृति गढ़ी है।

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