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आखिर क्यों हुआ माइक्रोसॉफ्ट को 200 अरब रुपये का घाटा

माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन को इस क्वॉर्टर में करीब 200 अरब रुपये का शुद्ध नुकसान बर्दाश्त करना पड़ा है जो इसके लिए अब तक का सबसे बड़ा घाटा है। इसका कारण कंपनी द्वारा नोकिया फोन बिजनस के वास्तविक मूल्य से ज्यादा मूल्य लगाना और इसके विडों ऑपरेटिंग सिस्टम की मांग का कम होना है।

कंपनी ने पिछले साल नोकिया हैंडसेट बिजनस को खरीदा था जिसकी रिस्ट्रक्चरिंग के संबंध में चौथे क्वॉर्टर में करीब 500 अरब रुपये का चार्ज लिया। मंगलवार को एक्सटेंडेड ट्रेडिंग में माइक्रोसॉप्ट के शेयर में 4 फीसदी गिरावट आई।

चीफ ऐग्जिक्युटिव सत्य नडेला के अधीन कंपनी ने अपने ध्यान सॉफ्टवेयर और क्लाउड सर्विसेज पर केंद्रित कर दिया है क्योंकि कभी लोकप्रिय रहे इसके विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम की मांग अब कम हो गई है।

विंडो की बिक्री इस साल के पहले क्वॉर्टर में 21 फीसदी कम हो गई। ऑपरेटिंग सिस्टम की मांग में थोड़ी बढ़ोतरी आई, वह भी तब जब माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज एक्सपी के लिए सपॉर्ट देना बंद कर दिया। कंपनी ने इस महीने कहा कि यह अपने वर्कफोर्स का 7 फीसदी यानी करीब 7,800 नौकरियां कम करेंगी। खासकर यह छंटनी फोन हार्डवेयर बिजनस में होगी।

माइक्रोसॉफ्ट को 30 जून को अंत हुए क्वॉर्टर में प्रति शेयर 40 फीसदी नेट लॉस हुआ है। एक साल पहले कंपनी की प्रति शेयर 55 फीसदी या करीब 300 अरब रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

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