राम मंदिर अयोध्या में बनेगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट हमारा है – भाजपा मंत्री

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राम मंदिर बनाने का भाजपा पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सभी चाहते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो जाए।

हालांकि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए सरकार कुछ नहीं कर सकती है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के सहकारिता मंत्री ने शनिवार को ऐसा बयान दिया जिससे एक नई बहस शुरू हो गई है। मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में बनेगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट हमारा है।

बहराइच में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मंदिर हमारा आराध्य है। मंदिर बनेगा। मंदिर बनाने के लिए हमलोग संकल्पबद्ध हैं।’ जब एक पत्रकार ने उन्हें याद दिलाया कि मसला सुप्रीम कोर्ट में है और उसपर फैसला आना बाकी है तो उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में है तभी तो।

सुप्रीम कोर्ट भी तो हमारा ही है ना, सुप्रीम कोर्ट भी हमारा है। न्यायपालिका भी हमारी है। विधान पालिका भी हमारी है। ये देश भी हमारा है। मंदिर भी हमारा है।’

वर्मा बहराइच से चार बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। विपक्ष को लगता है कि इस तरह के बयान देने से मंदिर के मुद्दे को खबरों में बनाए रखने से 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ध्रुवीकरण का वातावरण बनाए रखना है।

उनका यह बयान जब बहुत सारे टीवी चैनल्स पर दिखाया जाने लगा तो मंत्री ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है।

एक अंग्रेजी अखबार से हुई बातचीत में मुकुट बिहारी वर्मा ने सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे कहने का मतलब था कि सुप्रीम कोर्ट इस देश का हिस्सा है और हमसे संबंधित है और हमें पूरा विश्वास है कि अयोध्या में मंदिर बनेगा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमने क्या गलत कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी हमारा है। अरे भाई हमारा तो सभी कुछ है। जब यह देश हमारा है तो सभी कुछ हमारा ही है ना।’

वर्मा के इस बयान ने समाजवादी पार्टी सहित कांग्रेस को भाजपा पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि इससे पता चलता है कि उनके मंत्री कितने अशिष्ट और अहंकारी बन गए हैं।

समाजवादी के तारिक सिद्दीकी ने कहा, ‘हम सभी न्यायलयों में गहरी आस्था रखते हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि मंत्री का कहना कुछ और था तो यह आपका अनौपचारिक दृष्टिकोण दिखाता है, जिसमें यूपी के मंत्र बिना सोचे-समझे बयान दे देते हैं। मंत्री को राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए जिसे न्यायपालिका में विश्वास है।’