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मजदूर बने मजबूर विधायक

ग्राम बड़बत्तर से विश्रामपुरी तक जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग करते-करते थक चुके केशकाल के कांग्रेस विधायक संतराम नेताम इन दिनों एक मजबूर मजदूर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वे ग्रामीणों के साथ फावड़ा-तगाड़ी लेकर सड़क की मरम्मत में पसीना बहा रहे हैं। चार दिनों में 8 किमी की सड़क दुरुस्त हो गई है और 16 किमी सड़क का काम बाकी है।

ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं जानने बेमियादी पदयात्रा पर निकले संतराम कहते हैं कि जब तक पूरी सड़क नहीं बन जाएगी, घर नहीं लौटेंगे। यूं तो आपने जनप्रतिनिधियों से जुड़े कई किस्से सुने होंगे, लेकिन विधायक संतराम जिस जुनून से सड़क के मरम्मत काम में इन दिनों जुटे हैं, वैसा बहुत ही कम सुनने को मिला होगा।

संतराम ने बताया कि जर्जर सड़क के लिए वे स्थानीय अधिकारियों से लेकर विधानसभा तक गुहार लगा चुके हैं, उनकी कहीं भी नहीं सुनी जा रही।

जंगल में गुजारते हैं रात

संतराम कार्य पूरा होने तक अपने घर नहीं लौटेंगे। इसी के चलते वे इन दिनों शाम के बाद जंगल में टेंट लगाकर रात गुजारते हैं। सुबह होने के बाद फिर उसी स्थान से आगे के काम में जुट जाते हैं। क्षेत्रीय नेता को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का उत्साह बढ़ा हुआ है। वे भी जमकर श्रमदान कर रहे हैं।

विकासखंड मुख्यालय को ग्राम बड़बत्तर से जोड़ने वाली यह सड़क 24 किमी लंबी है। इसके अंतर्गत लगभग 12 ग्राम पंचायत व उनके दो दर्जन से अधिक आश्रित गांव हैं। इन गांवों में लगभग 20 हजार ग्रामीण रहते हैं, जिन्हें इसी सड़क से रोजाना आवागमन करना होता है। इस कार्य के लिए ग्रामीणों ने अपना 12 ट्रैक्टर व एक जेसीबी भी लगा दिया है।

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