27 साल की प्रेमिका से शादी कर चर्चा में आए मिलिंद सोमन ने RSS को लेकर बताए बचपन के अनुभव

मिलिंद सोमन ने अपनी किताब ‘मेड इन इंडिया’ में लिखा है, ‘आज जब मैं मीडिया में देखता हूं कि आरएसएस को सांप्रदायिक और नुकसानदायक प्रोपैगैंडा वाला कहा जाता है, तो मुझे दुख होता है। आरएसएस शाखा में हर सप्ताह 6 से शाम 7 बजे तक की मेरी जो यादें हैं, वो बिलकुल अलग हैं। हम अपने खाकी के शॉर्ट्स में मार्च करते थे, कुछ योगा करते थे..

नई दिल्ली: मॉडल, एक्टर और एथलीट मिलिंद सोमन भले ही एक्टिंग की दुनिया से दूर हैं लेकिन हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बार उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर कई खुलासे किए हैं। अपनी फिटनेस के लिए मशहूर मिलिंद ने बताया है कि वह 10 साल की उम्र में आरएसएस की शाखा में जाया करते थे। उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर काफी हलचल मच गई और वह ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे।

मिलिंद सोमन ने अपनी किताब ‘मेड इन इंडिया’ में लिखा है, ‘आज जब मैं मीडिया में देखता हूं कि आरएसएस को सांप्रदायिक और नुकसानदायक प्रोपैगैंडा वाला कहा जाता है, तो मुझे दुख होता है। आरएसएस शाखा में हर सप्ताह 6 से शाम 7 बजे तक की मेरी जो यादें हैं, वो बिलकुल अलग हैं। हम अपने खाकी के शॉर्ट्स में मार्च करते थे, कुछ योगा करते थे.. बिना किसी फैंसी उपकरण के वर्कआउट करते थे, गाने गाते थे और संस्कृत के उन छंदों को बोलते थे, जिनके अर्थ हमें समझ में नहीं आए।’

उन्होंने अपनी किताब में लिखा, ‘एक और वाक्या जो उस वक्त हुआ था वो था आरएसएस में शामिल होना। फिर से सारी चीजें लोकल थीं। लोकल शाखा, शिवाजी पार्क का ट्रेनिंग सेंटर, और बाबा को इस बात में बहुत ज्यादा यकीन था कि इससे एक युवा लड़के में अनुशासन, जीने के तरीके, फिटनेस और सोचने के ढंग में बड़े बदलाव आते हैं। उस वक्त हमारे जैसे ज्यादातर युवा यही करते थे। शिवाजी पार्क में जाना एक रूटीन जैसा था।’

उन्होंने अपनी किताब में लिखा, ‘एक और वाक्या जो उस वक्त हुआ था वो था आरएसएस में शामिल होना। फिर से सारी चीजें लोकल थीं। लोकल शाखा, शिवाजी पार्क का ट्रेनिंग सेंटर, और बाबा को इस बात में बहुत ज्यादा यकीन था कि इससे एक युवा लड़के में अनुशासन, जीने के तरीके, फिटनेस और सोचने के ढंग में बड़े बदलाव आते हैं। उस वक्त हमारे जैसे ज्यादातर युवा यही करते थे। शिवाजी पार्क में जाना एक रूटीन जैसा था।’

अपनी किताब में मिलिंद ने आगे लिखा, ‘मैंने जब आरएसएस ज्वाइन किया तो काफी समय तक मैं किनारे पर ही रहा करता था, प्रतिभावान लोगों के पीछे दबा हुआ। इस बात पर मुझे बहुत गुस्सा आता था कि मेरे माता-पिता ने मुझ जैसे खुश रहने वाले बच्चे को ऐसी चीज में डाल दिया था, जहां काफी ताकत लगती थी। मैं इसका हिस्सा कभी नहीं बनना चाहता था।’

किताब में मिलिंद ने लिखा है, ‘मेरे पिता भी आरएसएस का हिस्सा रहे हैं। उन्हें हिंदू होने पर गर्व था। मुझे ये समझ नहीं आया कि इसमें गर्व जैसा क्या था लेकिन मैंने ये भी नहीं देखा कि इसमें शिकायत करने जैसा क्या था। मेरे लिए साल 1995 काफी अलग साल था, जनवरी में मेरे पिता का निधन हो गया। मेरे मन में उनके प्रति बहुत स्नेह नहीं था, जब आप यह सोचते हैं तो दुखी होते हैं। लेकिन उन्होंने अपनी तरह से मेरी देखभाल की थी।’

अपने आरएसएस से जुड़े अनुभवों को बताने के बाद मिलिंद सोमन ट्रेंड होने लगे थे। जिसके बाद उन्होंने ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, ’54 साल की उम्र में 10 साल की उम्र में हुए एक अनुभव के लिए ट्रेंड करना अच्छी बात है। काश मैं स्विमिंग को लेकर चर्चा में होता, मैं उस वक्त स्विमिंग भी करता था।’ एक अन्य ट्वीट में मिलिंद ने अपनी पत्नी अंकिता के साथ होली की तस्वीर भी शेयर की है। बता दें 53 साल के मिलिंद ने 2018 में 27 साल की अंकिता कुंवर से शादी की थी। दोनों की उम्र के बीच अंतर को लेकर ये शादी काफी चर्चा में रही। अंकिता मिलिंद से 26 साल छोटी हैं।