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मंत्रिपरिषद का विस्तार, प्रभु ने बीजेपी सदस्यता ली

Modi expands cabinet, leaving prabhu Shiv Sena joined BJPनई दिल्ली [ TNN ] प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिव सेना के बॉयकॉट के बीच रविवार को अपने मंत्रिपरिषद का पहला विस्तार किया। कैबिनेट विस्तार कयासों के मुताबिक ही रहा। 4 कैबिनेट, 3 स्वतंत्र प्रभार और 14 राज्य मंत्रियों समेत कुल 21 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें शिव सेना का कोई चेहरा शामिल नही था। सुरेश प्रभु मोदी की टीम में जरूर शामिल हुए, लेकिन शपथ के बाद उन्होंने शिव सेना छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, वाजपेयी सरकार में बिजली मंत्री रहे और पूर्व शिव सैनिक सुरेश प्रभु, बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा और हरियाणा के जाट नेता वीरेंद्र सिंह ने कैबिनेट मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

वीरेंद्र सिंह हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। शिव सेना और बीजेपी के बीच महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर गतिरोध नहीं सुलझने के कारण शिव सेना सांसद अनिल देसाई ने शपथ नहीं ली। खबरों के अनुसार वह सुबह यहां आने के बाद एयरपोर्ट से ही मुंबई वापस लौट गए।

मंत्रिमंडल में जिन्हें स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है, उनमें बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, महेश शर्मा का नाम शामिल है। राज्य मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले नेताओं में मुख्तार अब्बास नकवी, राम कृपाल यादव, हरिभाई पार्थीभाई चौधरी, सांवर लाल जाट, मोहनभाई कुंदेरिया, गिरिराज सिंह, हंसराज गंगाराम अहीर, रामशंकर कठेरिया, वाई एस चौधरी, जयंत सिन्हा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, बाबुल सुप्रियो, साध्वी निरंजन ज्योति, विजय सांपला रहे।

पीएम मोदी तथा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के विश्वसनीय सहयोगी और कुशल रणनीतिकार जगत प्रकाश नड्डा का केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रवेश उनकी योग्यता और उस खासियत का नतीजा है जिसमें वह पर्दे के पीछे काम करना पसंद करते हैं।

विनम्र स्वभाव वाले और कॉलेज के जीवन में प्रख्यात छात्र नेता रहे नड्डा बड़ी चुनौतियों का समाधान करने वालों में गिने जाते हैं। वह बीजेपी के अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार थे, लेकिन इस साल के शुरू में इस पद की दौड़ में पिछड़ने के बाद उन्होंने शाह को पूरा समर्थन दिया।

मोदी और शाह के साथ-साथ सर्वाधिक प्रभावशाली तीन लोगों की तिकड़ी के सदस्य नड्डा पार्टी के सभी बड़े निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं। कहा जाता है कि वह पार्टी और सरकार के बीच एक पुल की भूमिका भी निभाएंगे। नड्डा को आरएसएस का पूरा समर्थन रहा है और बीजेपी के सभी प्रमुख नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

गायक के तौर पर बाबुल सुप्रियो भले ही वैसा स्टारडम हासिल नहीं कर पाए हों जैसी उनकी इच्छा थी, लेकिन उनका राजनीतिक करियर जरूर शुरूआती दौर में ही उड़ान भरने लगा है। मोदी सरकार में उन्हें बतौर मंत्री शामिल किया गया।

सुप्रियो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य पश्चिम बंगाल में बीजेपी के मात्र दो सांसदों में से एक हैं, जहां बीजेपी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुआई वाली तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के विकल्प के रूप में उभरने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

 

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