अपराधियों को जो संरक्षण देगा उसे मैं देख लूंगा – CM शिवराज सिंह

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है, यहां अपराध बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। सीएम ने कहा है अब हर सोमवार को सीएस और डीजीपी के साथ लॉ एंड आर्डर की समीक्षा की जाएगी।

भोपाल : यूपी के कुख्‍यात गैंगस्‍टर विकास दुबे द्वारा अंजाम दिया गया हत्‍याकांड और उपचुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश में एक के बाद एक हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सतर्क हो गए हैं।

अब हर सोमवार को मुख्य सचिव (CS) और डीजीपी (DGP) के साथ प्रदेश में लॉ एंड आर्डर की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

सीएम ने अधिकारियों को सख्त ताकीद दी है कि अपराधियों से सख्‍ती से निपटें और अपराधियों में पुलिस का ख़ौफ़ रहे। इसके साथ ही बदमाशों की सूची बनाकर एक्शन लिया जाए। सीएम शिवराज ने कहा कि जो अपराधियों को संरक्षण देगा उसे मैं देख लूंगा।

सीएम ने अफसरों का साफ कहा है कि वो गुंडे-बदमाशों पर एक्शन लेने में कोई भी संकोच न करें। पुलिस का कोई भी व्यक्ति इनका मित्र न हो। अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और पुलिस इस मामले में बिना किसी दबाव के काम करे।

सीएम ने कहा अगर आपराधिक घटना हुई तो टीआई थानेदार के साथ बड़े अधिकारी भी अब जिम्मेदार होंगे। किसी की चिंता न करें, कोई अपराधियों को संरक्षण न दे, जो देगा उसे मैं देख लूंगा।

सीएम ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है, यहां अपराध बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। सीएम ने कहा है अब हर सोमवार को सीएस और डीजीपी के साथ लॉ एंड आर्डर की समीक्षा की जाएगी।

यूपी के हालात से सतर्क हुए सीएम शिवराज सिंह ने शनिवार को अचानक लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा के लिए हाई लेवल मीटिंग बुला ली थी।

इस मीटिंग में डीजीपी, सभी आईजी, डीआईजी, एसपी और कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जुड़े थे। सीएम ने मीटिंग के दौरान भोपाल, होशंगाबाद और मंडला में हुई हत्या की घटनाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अधिकारी सख्त एक्शन लें और यह सुनिश्चित करें कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

होशंगाबाद के पिपरिया में वीएचपी के एक नेता की सरेआम हत्या कर दी गई थी। इसी तरह मंडला में भी एनएसयूआई के एक कार्यकर्ता की हत्या की गई थी। भोपाल में भी दो युवकों की हत्या से सनसनी फैल गई थी।

एक के बाद एक हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर विपक्ष ने भी सवाल खड़े किए थे। पूर्व जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने इन घटनाओं को लेकर कहा था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।

हालांकि, उनके इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यकाल की याद करना चाहिए