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शासन को करोड़ो का चुना लगा रहा कावेरी वनमंडल

खंडवा – नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कावेरी वनमंडल खंडवा की सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत स्वतंत्र जलग्रहण क्षेत्रो में कराये गये कार्यो में करोड़ो का भ्रष्टïाचार किया गया है। ऐसा ही मामला कावेरी के उपवनमंडल बडवानी का है। जिसमें नियमविरूध्द शासन की राशि की अधिकारियो ने मिलकर बंदरबॉट कर डाली कार्य के नाम पर केवल तीन माह में कागजी खानापूर्ति के लिए लाखो का भुगतान वनपरिक्षेत्राधिकारियो को कर दिया गया ।

Government has been dented by millions Kaveri Forest Divisionयह है पूरा मामला
कावेरी वनमंडल के सरदार सरोवर परियोजना अंतर्गत उपवनमंडल बडवानी के खरगोन,सेंधवा,बडवानी के 23818.508 हेक्टेयर का रकबा जलग्रहण क्षेत्र में केट कार्य करने हेतु ऑवटित हुआ था। जिसमें 3 परिक्षेत्र की बोकराटा 1,2,3 में वर्ष 2010 से 2014 तक कार्य करने के लिए 20 करोड 55 लाख रूपये की राशि राज्य शासन द्वारा चेकडेम,कंटूर निर्माण , एवं अन्य कार्यो के लिए दी गई थी। परिक्षेत्र बोकराटा 1 के ग्राम उवादगढ़,हरला,इडटी,एवं रोसड के कक्ष क्रमांक 227,200,202,203,183 एवं बोकराटा 2 के ग्राम पिपरकुंड,भवरकुंड के कक्ष क्रमांक 229,231,241 तथा बोकराटा 3 के ग्राम हाटबावडी,चिचवाणिया के कक्ष क्रमांक 250,279,में विभाग द्वारा चेकडेम एवं कंटूर निर्माण का कार्य करवाया गया है। लेकिन ग्राउंड लेवल की बात करे तो स्थिति कुछ और ही कहानी बयॉ करती है। कार्यस्थल के लिए विभाग द्वारा ऐसे स्थान का चयन किया गया है। जहॉ इस प्रकार के कार्य का हो पाना संभव नही है। तीनो परिक्षेत्र में जहॉ चेकडेम और कंटूर निर्माण कार्य कराये गये है। वहॉ पर्याप्त मात्रा में पत्थर की उपलब्धता नही है। ऐसी स्थिति में इन कार्यो का कार्यस्थल चयन प्रश्नचिन्ह खडा करता है। कार्य के लिए जिन मजदूरो से काम करना बताया गया है उनके द्वारा कभी किसी प्रकार का कार्य नही किया जाता है सक्षम लोगो के नाम से फर्जी नाम चढ़ाकर राशि का आहरण किया गया है। बोकराटा 2 में विगत तीन वर्षो से चेकडेम निर्माण कार्य चल रहे है। जिसमें 19777 घनमीटर चेकडेम विभागीय ऑकडो में दर्शाये गये है जबकि इस क्षेत्र में अतिक्रमण होने के साथ-साथ वनभूमि पत्थर युक्त न होकर मिट्टी वाली है। जो कही न कही विभागीय ऑकडो पर प्रश्न चिन्ह लगाती है। बोकराटा 3 का हाल भी अन्य परिक्षेत्र जैसा है विभाग द्वारा यहॉ भी करोडो रूपये के कार्य करवाये गये है। मजूदरो के फर्जी अॅगूठे लगाकर यहॉ भी लाखो रूपये की राशि आहरित की गई है। जिसकी जॉच होना चाहिए।

शासन के नियमो को बताया धता
राज्य शासन से विभाग को स्पष्टï निर्देश दिये गये थे कि एक हजार रूपये से अधिक राशि के भुगतान के लिए ई पेमेंट पध्दति का प्रयोग किया जाये लेकिन विभाग ने इसका परिपालन न करते हुए विभागीय प्रमाणको में 28 से 30 व्यक्तियो की सूची बनाकर 25 से 30 हजार रूपये का एक ही प्रमाणक बनाकर भुगतान केवल एक ही व्यक्ति के नाम से कर दिया जो कही न कही मध्यप्रदेश शासन के आदेश की खुली अवहेलना है। बोकराटा 1,2,3 में शासन ने सर्वे में पाया है कि यहॉ की लगभग 60 प्रतिशत आबादी शिक्षित है इसके बावजूद विडंबना है कि विभाग के अधिकारियो ने प्रमाणको पर साक्षर लोगो से मजदूरी करवाकर प्रमाणको पर अॅगूठे के निशान दर्शाए। इस प्रकार विभाग ने फर्जी भुगतान कर लाखो रूपये बंदरबॉट कर डाली ।

सांठगांठ कर विभाग प्रमुख बने शुक्ला
वनमंडल खंडवा अंतर्गत परिक्षेत्र खरगोन,सेंधवा,बडवानी के एसडीओ भूपेश शुक्ला ने अपनी पदस्थी के दौरान विभागीय कार्यो में भारी भ्रष्टïाचार को अंजाम दिया जिसमें इनके अधीनस्थ कर्मचारियो में वनक्षेत्रपाल गोविंद शर्मा,संतोष ठाकुर, और खेमचंद माल ने पूरा साथ दिया। सांठगाठ कर वनमंडल का पूरा प्रभार मिलते है भूपेश शुक्ला ने लाखो रूपये के चेक केवल 3 माह मेें ही जारी कर दिये जबकि यह कार्य पूर्व से ही चल रहे थे। इस दौरान वनमंडल का प्रभार एसीएफ पावरा,के .पी. भालसे के पास रहा लेकिन अपने कार्य प्रभार के प्रमाणको को श्री शुक्ला ने इनके समक्ष प्रस्तुत नही होने दिया अन्यथा इनके कार्यो की पोल खुल सकती थी। विभाग के वरिष्ठो से समन्वय रखने वाले श्री शुक्ला विभाग प्रभारी बनते ही बिना कार्य निरीक्षण करे अपने चहेते अधीनस्थो को लाखो रूपये के चेक ताबडतोड जारी कर दिये। भूपेश शुक्ला जहॉ विगत 10 वर्षो से विभाग में जमे हुये है और इनके द्वारा कराये गये कार्यो पर हमेशा ही प्रश्नचिन्ह उठते रहे है लेकिन इसके बावजूद इनहे विभाग प्रमुख बना दिया गया ।

मामले की उच्च स्तर पर की गई शिकायत
शिकायताकर्ता ने विभाग संबंधी कार्यो की निष्पक्ष जॉच के लिए प्रदेश के मुखिया शिवराजसिंह चौहान,नर्मदा घाटी विकास मंत्री मध्यप्रदेश शासन भोपाल,सदस्य नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण भोपाल, मुख्य वनसंरक्षक वृत्त एन.व्ही.डी.ए. भोपाल को लिखित में शिकायत की गई है ताकि मामले की उच्च स्तरीय जॉच हो तथा मामले में लिप्त अधिकारी कर्मचारियो पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो सके।

इनका कहना है:-
मामले की गंभीरता को देखते हुये उच्च स्तर से जॉच दल गठित कर जॉच करवायी जायेगी। और दोषी पाये जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
एस.एस.राजपूत
मुख्य वनसंरक्षक वृत्त भोपाल
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण भोपाल म.प्र.

 

 

 

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