हनी ट्रैप: SIT का बड़ा खुलासा, नेता, अफसरों की नींद हराम

इंदौर: हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है रोज इस मामले में नए खुलासे हो रहे है। वही मामले की गंभीरता को देखते हुवे एसआईटी चीफ संजीव शमी देर शाम इंदौर पहुंचे संजीव शमी ने 4 घण्टे तक एसआईटी की बैठक ली।जिसमे एसआईटी सदस्य रुचि वर्धन मिश्र ओर एसआईटी के अधिकारी मौजूद थे वही

संजीव शमी ने कहा मामला बेहद संवेदनशील, हाई लेवल ऑफिसर्स इस मामले में शामिल, इसलिए एसआईटी बनाई गई है, इस मामले जो लोग शामिल हैं उनके नाम भी होंगे उजागर,जांच कैसे होगी आरोपियों को कहां कहां ले जाया जाएगा ये इन्वेस्टिगेशन का विषय है इसे पब्लिक डोमेन में नहीं लाएंगे।

मध्‍य प्रदेश में हनी ट्रैप रैकिट के खुलासे ने कई दिग्‍गज नेताओं, अधिकारियों और व्‍यापारियों की नींद उड़ा दी है। देश का ‘सबसे बड़ा ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल’ कहे जाने वाले इस मामले से जुड़ी 4000 फाइलें जांच एजेंसियों को मिल चुकी हैं और फाइलों के मिलने का सिलसिला अभी जारी है। अब इस केस में एक और दिलचस्प मोड़ आ गया है।

हनी ट्रैप मामले में पांच अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार हुई 18 वर्षीय आरोपी मोनिका यादव सरकारी गवाह बनने के लिए राजी हो गई है। अब वह इस मामले में मुख्य गवाह होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस सबसे बड़े ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल केस में कई अहम खुलासे होंगे।

खबरों के अनुसार मोनिका के सरकारी गवाह बनने की यह बात तब सामने आई है जब एक दिन पहले ही उसके पिता ने मानव तस्करी मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजिनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मोनिका के अलावा, आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, बरखा सोनी और एक ड्राइवर ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया था। इंजिनियर ने आरोप लगाया गया कि एक आरोपी महिला ने उनसे दोस्ती कर एक आपत्तिजनक विडियो बनाया और उसके आधार पर 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है।

जांच में हुआ खुलासा
– आरोपियों ने कई सारे एस्कॉर्ट सर्विस पोर्टल्स पर खुद का ब्योरा दे रखा था। कई सारे मोबाइल ऐप्स पर भी उन्होंने अपने बारे में जानकारी दी थी।
– जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि क्लाइंट्स के साथ उन्होंने अपनी प्रोफाइल्स शेयर की हैं। इतना ही नहीं वे गोवा, मुंबई, दिल्ली सहित कई शहरों में आती-जाती रही हैं।
– जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी मुख्य रूप से बड़े घरों के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। खासकर अमीर शादीशुदा लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करती थीं।
– ये सभी आरोपी एक दिन के लिए 10 हजार से 40 हजार रुपये तक चार्ज करती थीं और महंगे होटलों में ठहरती थीं।