MPPSC के पेपर में पूछा भील जनजाति की आपराधिक प्रवत्ति का मुख्य कारण, नाराज हुआ समुदाय

खंडवा : एक तरफ देशभर के विश्वविद्यालयों में सी ए ए और एनआरसी को लेकर बवाल मचा हुआ है। वहीं अब मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के पेपर में भील जनजाति को लेकर पूछे गए प्रश्नों पर बवाल सामने आया है। MPPSC के पेपर में सीसैट के अंदर एक अनसीन पैसेज में भील जनजाति को शराब में डूबी हुई और धन कमाने के लिए गैर वैधानिक और अनैतिक कामों में लिप्त जनजाति बताया गया है। सी सैट में पूछे गए प्रश्नों में बस में भी कुछ इसी तरह से पूछे गए हैं। जिसको लेकर खंडवा में भील समाज के लोगों ने अपनी नाराजगी जताई। भील समाज से आने वाले पंधाना के भाजपा विधायक राम दंगोरे में MPPSC से इसको लेकर शिकायत करने की बात कही है तो वहीं काला कपड़ा लहरा कर कमलनाथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

 
आज पूरे प्रदेश में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा का आयोजन किया गया । परीक्षा तो अच्छे से हो गई लेकिन परीक्षा के बाद भील जनजाति के लोगों ने पूछे गए सवालों और अनसीन पैसेज पर ही सवाल खड़े कर दिए। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के पेपर के सी सेट में लिखे गए अनसीन पैसेज में भील जनजाति को आय से अधिक खर्च करने वाला और शराब में डूबी हुई जनजाति बताया गया है । वहीं इस पैसेज में लिखा गया है कि भील जनजाति के लोगो की अपराधिक प्रवृत्ति का मुख्य कारण दिलदारियां पूरी करना नहीं है। जिसके लिए वह गैर वैधानिक और अनैतिक कामों से पैसे कमाते हैं। इस प्रश्न में पूछे गए सवाल नंबर 99 में पूछा गया है कि भीलो की अपराधिक प्रवृत्ति का मुख्य कारण क्या है ।   4 ऑप्शन है जिसमें A देनदारी में पूरी न कर पाना B ईमानदारी से काम करना C अनैतिक कार्य करना D गांव से पलायन करना । इसी तरह सवाल नंबर 100 में पूछा गया है कि धन उपार्जन के लिए भील कैसे कामों में संलिप्त हो जाते हैं इस प्रश्न में विचार ऑप्शन है जिसमें A सामाजिक काम B धार्मिक काम C गैर वैधानिक तथा अनैतिक काम D कठिन से कठिन काम इसमें जो ऑप्शन दिए गए हैं । जिसमें गैर वैधानिक और अनैतिक काम करना इसे लेकर भील समाज नाराज हो गया है।  पंधाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी विधायक राम दंगोंरे ने भी MPPSC का पेपर  दिया है जब उन्होंने इन प्रश्नों को देखा तो वह भी भौचक्का रह गए । परीक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस किसी ने भी या पर्चा बनाया है उसे तत्काल बर्खास्त किया जाए और उसके खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए । इतना ही नहीं भील समाज के लोगों ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की ।