Virat Kohli, MS Dhoni

बांग्लादेश के हाथों वनडे सीरीज में मिली हार के बाद टीम इंडिया उठा तूफान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे मैच से पहले फिरकी गेंदबाज आर अश्विन ने कहा था कि हार पर पूरी टीम की जिम्मेदारी होनी चाहिए न कि किसी एक खिलाड़ी पर इसका दोष मढ़ दिया जाए। उन्होंने धोनी का बचाव करते हुए इस हार के लिए हर खिलाड़ी जिम्मेदार है। उन्होंने धोनी की कप्‍तानी पर यह भी कहा था कि आपको हर ‌स्थिति में अपने लीडर के साथ होना होता है। अगर आप उनके साथ नहीं हैं तो आप खत्म हो जाएंगे।

उन्होंने कहा था, “अगर मेरे कप्तान मुझसे मैदान पर मरने के लिए कहते हैं तो मैं यह भी करूंगा। यह अभी के लिए नहीं है, हर कप्तान का साथ देना होता है। अगर वह आपको मैदान पर मरने के लिए कहता है तो इसके लिए आपको तैयार रहना होगा।” अश्विन के अलावा सुरेश रैना ने भी धोनी का खुलकर बचाव करते हुए कहा था कि हर किसी को उनका सम्मान करना चा‌हिए।

इससे पहले वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में हार के बाद टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था, “भारतीय क्रिकेट में कुछ बुरा होता है तो मुझे जिम्मेदार ठहराया जाता है। अगर मेरी कप्तानी छोड़ने से टीम को जीत में मदद मिलती है तो कप्तानी छोड़ने को तैयार हूं।”

इन बयानों ने दिखाया कि टीम इंडिया में अभी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पूरे विवाद में नया प्रकरण उस समय जुड़ गया जब भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली भी खुलकर सामने आए और वनडे कप्तान धोनी की आलोचना की। खासकर टीम संचयन को लेकर। भारत पहली बार बांग्लादेश से कोई सीरीज हारा है।

बांग्लादेश के खिलाफ 2-1 से सीरीज गंवाने के बाद कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी के फैसलों पर सवालिया निशान लगाते हुए उपकप्‍तान विराट कोहली ने कहा कि भारत ने भले ही मेजबान बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी मैच जीत लिया है लेकिन अभी भी लगता है कि टीम में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूप का माहौल बहुत अच्छा नहीं है और हमारे खिलाड़ियों में भरोसे की कमी दिखी, जिस वजह से टीम इंडिया को सीरीज में मुंह की खानी पड़ी। सीरीज के दौरान कई अजीबोगरीब लिए गए फैसले से वह अपनी निराशा छिपा नहीं पाए। बुधवार को एक खेल चैनल से बात करते हुए धोनी की कप्तानी सवाल उठाए।

कोहली का यह बयान कप्‍तान धोनी के मैदान पर लिए गए फैसलों पर सवाल खड़े करता है। साथ ही वह अपने समेत बाकी खिलाड़ियों के खेल को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। बकौल कोहली, “हम विश्वास से कुछ फैसले नहीं ले पाए। मुझे यह कहने की जरूरत नहीं क्रिकेट देखने वाले और एक्सपर्ट्स देख सकते हैं कि खिलाड़ी खुद को अच्छी तरह एक्सप्रेस नहीं कर पाए। हम अच्छे से अपना दिमाग नहीं चला सके।

बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे में तीन बदलाव करने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तीसरे मैच में भी दो बदलाव किए। उन्होंने रविंद्र जडेजा की जगह स्टुअर्ट बिन्नी और भुवनेश्वर कुमार की जगह उमेश यादव को टीम में जगह दी। उन्होंने इस मैच से भी रहाणे को टीम से बाहर रखा। रहाणे फॉर्म में हैं लेकिन लगातार दो मैचों से उन्हें टीम से बाहर रखना भी किसी की समझ में नहीं आ रहा।

रहाणे को बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे मैच में भी अंतिम एकादश में शामिल नहीं किए जाने पर विवाद जारी है। तीसरे मैच के बाद अकेले में धोनी ने रहाणे से मुलाकात भी की। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें आईं सामने आईं हैं। इस दौरान बातचीत के बाद उठने पर भी आगे चल रहे रहाणे को भारतीय कप्तान अपनी सफाई देते दिखाई दिए।

धोनी ने रविवार को सीरीज के दूसरे वनडे में जब रहाणे को टीम एकादश से बाहर किया था तो उस समय उन्होंने यही कहा था हमने उन्हें अभी ड्रॉप किया है। वह पहले मैच में टीम में शामिल थे और 9 रन ही बना सके थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here