मलयेशिया के नए प्रधानमंत्री होंगे पूर्व गृह मंत्री मोहिउद्दीन यासीन

मलेशिया के राजा ने महातिर मोहम्मद की सत्ता में वापसी करने की कोशिशों पर पानी फेरते हुए नए प्रधानमंत्री के तौर पर मुहइद्दीन यासीन को नियुक्त कर दिया है।कुआलालंपुर: पूर्व गृह मंत्री मोहिउद्दीन यासीन को शुक्रवार को मलयेशिया का नया प्रधानमंत्री नामित किया गया। शाही अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राजमहल के अधिकारियों ने बताया कि मोहिउद्दीन रविवार को पद की शपथ लेंगे।

इसी के साथ महातिर के प्रधानमंत्री के तौर पर इस्तीफा देने और सुधारवादी सरकार के गिरने के बाद एक हफ्ते तक चले सियासी संकट के भी समाप्त होने की संभावना है। मलेशिया के राजा ने महातिर मोहम्मद की सत्ता में वापसी करने की कोशिशों पर पानी फेरते हुए नए प्रधानमंत्री के तौर पर मुहइद्दीन यासीन को नियुक्त कर दिया है।

इससे पहले महातिर मोहम्मद ने शनिवार को इशारा दावा किया था कि वह पूर्व सत्तारूढ गठबंधन के साथ मिलेंगे जिसका नेतृत्व उन्होंने प्रतिद्वंद्वी अनवर इब्राहिम के साथ किया था। महातिर ने अपनी सरकार गिराने की नाकाम कोशिश के बाद सोमवार (24 फरवरी) को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। महातिर ने कहा कि उन्होंने अनवर के अलायंस ऑफ होप के नेताओं के साथ शनिवार को मुलाकात की और अब उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में आने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्या है।

2018 में ऐतिहासिक रूप से जीता यह गठबंधन महातिर के संभावित उत्तराधिकारी अनवर को बाहर करने की योजना में जुटा था। गठबंधन की सहयोगी पार्टी के अधिकांश सांसद कभी भी अनवर के प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़े अटका सकते थे।

मलयेशिया में जारी सियासी अस्थिरता के बीच रविवार को रिपोर्ट आई कि महातिर की पार्टी नई सरकार का गठन कर रही है जिसमें उनके द्वारा चुने गए उत्तराधिकारी अनवर इब्राहिम को शामिल नहीं किया जाएगा। जबकि 2018 में महातिर ने अनवर के साथ मिलकर सरकार बनाते वक्त कहा था कि वे कुछ साल बाद उन्हें सत्ता सौंप देंगे। रविवार को अनवर ने महातिर की पार्टी पर धोखेबाजी का आरोप लगाया था।

अनवर और महातिर के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। मलयेशिया में इन दोनों की पार्टियों के बीच संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन 2018 के चुनावों से पहले उनमें मित्रता हो गई थी। महातिर ने उनके पूर्व दुश्मन को सत्ता सौंपने की बात कई बार दोहराई थी। महातिर ने 2018 में अपने पुराने सियासी साथी नजीब रज्जाक को भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर चुनाव जीता और अनवर से हाथ मिलाकर पीएम बने थे।