नई दिल्ली : अलवर में गोरक्षकों की कथित पिटाई की वजह से एक मुस्लिम युवक की मौत का मामला आज (6 अप्रैल) राज्यसभा में गूंजा। कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों ने इस मामले में जमकर हंगामा किया और सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस की ओर से दिग्विजिय सिंह ने ये मामला सदन में उठाया। विपक्ष को जवाब देते हुए संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्षी सदस्यों को कहा कि जिस तरह बताया जा रहा है वैसी घटना हुई ही नहीं है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने उच्च सदन में कहा, ‘जिस तरह की घटना पेश की जा रही है, ऐसी कोई घटना जमीन पर नहीं हुई है।’ इसके बाद राज्यसभा के उपसभापति पी जे कुरियन ने इस मामले में सरकार से रिपोर्ट मांगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पी जे कुरियन ने इस मामले में सरकार से पूरी रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि जब तक ये तथ्य प्रमाणित नहीं हो जाता है कि हिंसा हुई है तब तक इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की जा सकती है। राज्यसभा के उपसभापति के मुताबिक इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अखबारों को रिपोर्ट पर यकीन नहीं किया जा सकता है।

कांग्रेस ने अलवर हिंसा मामले में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया था।

मुख्तार अब्बास नकवी के जवाब में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरी दुनिया अलवर की हिंसा से परिचित है, लेकिन मंत्री महोदय को इसकी जानकारी नहीं है, ये बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, ‘ मुझे बहुत दुख है कि मंत्री महोदय को इस घटना की इतनी कम जानकारी है, यहां तक की न्यूयॉर्क टाइम्स भी इस बारे में जानता है लेकिन मंत्री महोदय नहीं जानते हैं।