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मुंबई- नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात ये आंकड़े अपने आप में चौंकाने वाले हैं, लेकिन पिछले पांच साल के रेकॉर्ड देखें तो हार्ट अटैक से 642 जवानों की मौत हुई है और नक्सली हमलों में 323 जवान मारे गए हैं। इसके बाद खुदकुशी करने वाले जवानों (228) का नंबर आता है।

ये जानकारी गृह राज्य मंत्री हरिभाई चौधरी ने दी है। कांग्रेसी नेता मोतीलाल वोरा ने जनवरी 2009 से दिसंबर 2014 के बीच नक्सल प्रभावित इलाकों में मारे गए सीआरपीएफ जवानों की जानकारी मांगी थी। वोरा ने सरकार से ये भी पूछा था कि मुश्किल परिस्थितियों में काम कर रहे जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

इसके जवाब में हरिभाई चौधरी ने बताया कि 5 साल में नक्सली हमलों में 323 जवान मारे गए हैं, मलेरिया से 108 जवानों की जान गई है, 642 जवान हार्ट अटैक से मरे हैं और 228 ने खुदकुशी की है। इसके साथ ही मंत्री ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि सीआरपीएफ जवानों की छुट्टियों की अर्जियों को तय समय में निपटाया जा रहा है। फील्ड ऑफिसर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे जवानों को अपनी परेशानियां और तकलीफ बताने को प्रोत्साहित करें। जवानों के मनोरंजन के भी इंतजाम किए गए हैं। एजेंसी

Mumbai – Heart attacks kill more CRPF men than Naxals

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